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लुधियाना में नशे की ओवरडोज से युवक की मौत:22 वर्षीय धर्मपाल तंबू में मिला मृत; परिजन बोले-चिट्‌टे का नशा करता था




लुधियाना जिले केजगराओं स्थित गांव लक्खा में एक 22 वर्षीय युवक की चिट्‌टे की ओवरडोज से मौत हो गई। धर्मपाल की मौत मंडी में बने तंबू में हुई। जब उसके साथियों ने उसे बेहोशी की हालत में देखा को ठेकेदार को बताया। ठेकेदार के पहुंचने से पहले उसकी मोत हो चुकी थी। उन्होंने धर्मपाल सिंह के परिजनों को इस संबंध में जानकारी दी। परिजनों का कहना है कि वो चिट्‌टा लगाता था और कई बार रोकने की कोशिश की। वहीं ठेकेदार का कहना है कि उसे ट्रैक्टर में डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंप पर भेजा था। उसी दौरान उसने चिट्‌टे का टीका लगाया और उसके बाद आकर तंबू में लेट गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। धर्मपाल की मौत के बाद उसके घर में मातम छा गया। मां गुरजीत कौर बेटे की तस्वीर सीने से लगाकर विलाप करती रहीं, जबकि पिता कुलवंत सिंह भी गहरे सदमे में थे। परिवार के दुख को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों में रोष, पुलिस की कारगुजारी पर उठाए सवाल इस घटना के बाद गांव में भारी रोष फैल गया। पंजाब ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव अवतार सिंह तारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जगराओं क्षेत्र के कई गांवों में चिट्टा खुलेआम बिक रहा है। उनका कहना था कि नशा तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।गांव की महिलाओं और पुरुषों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि चिट्टे का कारोबार किसी से छिपा नहीं है, लेकिन जो भी इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ता है। इसी डर के कारण कई परिवार सामने आने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की कारगुजारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। नशे के बड़े तस्करों पर नहीं हो रही कार्रवाई ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उनका कहना था कि केवल छोटे स्तर के लोगों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि नशे के बड़े सौदागरों और उनकी सप्लाई चेन को तोड़ना आवश्यक है। जगराओं में लगातार हो रही नशे से मौतें गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जगराओं क्षेत्र के 14 परिवार अपने बच्चों की तस्वीरें हाथों में लेकर नशे के खिलाफ मार्च निकाल चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पंजाब प्रधान केवल ढिल्लों ने जगराओं को “नशे की कैपिटल” तक करार दिया था। अब धर्मपाल की मौत ने इस बहस को और तेज कर दिया है।



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