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गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के नए भवन में निर्माण कार्य में देरी और निर्माण में सामने आई खामियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग के आग्रह पर उपायुक्त गुरुग्राम ने पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की कमान एसडीएम पटौदी को सौंपी गई है, जिन्हें 1 मई से पहले अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपनी होगी। जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री ने सीएचसी फर्रुखनगर को 50 बिस्तरों वाले उपमंडलीय नागरिक अस्पताल के रूप में अपग्रेड करने की घोषणा की थी। इसके तहत नए भवन का निर्माण कार्य 10 फरवरी 2019 को शुरू हुआ था। इसे 9 अगस्त 2020 तक पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाना था। 25 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस भवन के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई थी। हालांकि, लगभग छह साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। जो हिस्सा तैयार हो चुका है, उसमें भी कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, मई 2023 में भवन की दो मंजिलों का आंशिक उद्घाटन किया गया था। लेकिन, उन मंजिलों में भी कई आवश्यक कार्य अभी तक अधूरे हैं। वहीं, शेष दो मंजिलों में भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे परियोजना की प्रगति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक मई को उपायुक्त को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
गठित कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्माण कार्य में हुई देरी, गुणवत्ता में कमी और तकनीकी खामियों की गहन जांच करे। साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की पहचान कर उनके नाम 1 मई से पहले उपायुक्त को सौंपे जाएं। प्रशासन इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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फर्रुखनगर सीएचसी के नए भवन में खामियां:छह साल में भी पूरा नहीं हुआ काम, डीसी ने गठित की उच्च स्तरीय कमेटी







