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बरसात में भरभराकर गिरा राजाजी के महल का हिस्सा, VIDEO:तीन सेकेंड में ढह गई दीवार, बाल-बाल बचे लोग; 250 साल पुराना है महल




यमुनानगर के जगाधरी की राजाजी गली में बारिश के दौरान करीब 200 से 250 साल पुराने राजाजी के महल का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। महल की करीब 18 इंच चोड़ी विशाल दीवार मलबे के साथ सामने स्थित मकान और गली में जा गिरी। हादसे के समय मकान के अंदर मौजूद बुजुर्ग दंपती मलबे की चपेट में आकर फंस गया। हालांकि आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में बुजुर्ग दंपती को मामूली चोटें आई हैं। समय रहते लोगों के पहुंचने से बड़ा हादसा होने से टल गया। कुछ सेकेंड पहले ही स्कूटी चालक गुजरा हादसे का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महल की जर्जर दीवार गिरने से कुछ सेकेंड पहले एक स्कूटी सवार व्यक्ति गली से गुजरता दिखाई दे रहा है। उसके गुजरने के करीब कुछ सेकेंड बाद दीवार पर उगा एक पौधा नीचे गिरता है जिसके तुरंत बाद ही महल की विशाल दीवार मात्र तीन सेकेंड भरभराकर नीचे आ जाती है। दीवार का मलबा तेजी से सामने वाले मकान की तरफ गिरता है और घर के हिस्से तक पहुंच जाता है। मलबा गिरते ही आसपास अफरातफरी मच जाती है और लोग तुरंत घर की तरफ दौड़ पड़ते हैं। इसके बाद लोगों ने अंदर फंसे बुजुर्ग दंपती को बाहर निकाला। घर में अकेले थे बुजुर्ग माता-पिता, बेटे को पड़ोसियों ने दी सूचना मकान मालिक रोहित बंसल ने बताया कि वह मानकपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। हादसे के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। अचानक पड़ोसियों ने फोन कर महल का हिस्सा गिरने की सूचना दी। जानकारी मिलते ही वह घर पहुंचा। उसने बताया कि उसके माता-पिता हादसे के समय घर के अंदर ही थे। महल का मलबा मकान के हिस्से में गिरने के कारण दोनों उसमें फंस गए थे। आसपास रहने वाले लोगों और दोस्तों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उन्हें मलबे से बाहर निकाला। रोहित के अनुसार महल का मलबा उसके मकान के हिस्से में गिरने से घर को भी नुकसान पहुंचा है। अचानक हुए हादसे के बाद परिवार में डर का माहौल है। उसने प्रशासन से महल के बचे हुए जर्जर हिस्से की जल्द जांच कराने और खतरे वाले हिस्सों को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है। 200 से 250 साल पुराना बताया जा रहा महल स्थानीय लोगों के अनुसार राजाजी का महल करीब 200 से 250 साल पुराना है। बताया जाता है कि यह महल राजा ज्योति प्रसाद का था। महल का बड़ा हिस्सा समय के साथ जर्जर हो चुका है और कई जगह इसकी दीवारें कमजोर हालत में खड़ी हैं। बारिश के दौरान दीवारों में नमी आने से इनके गिरने का खतरा और बढ़ गया है। महल के आसपास मकान बने हुए हैं और गली भी काफी संकरी है, जिनमें दिनभर लोगों का आना जाना लगा रहता है। ऐसे में किसी बड़े हिस्से के गिरने पर जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। राजाजी के महल के वंशज ब्रह्मप्रकाश वर्तमान में भी यहां रहते हैं। उनका कहना है कि महल का हिस्सा गिरने से जिन लोगों के मकान या सामान को नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि महल के बाकी हिस्सों की भी जांच कराई जाएगी, ताकि जर्जर हिस्से से भविष्य में किसी तरह का हादसा न हो। पुलिस मौके पर पहुंची, मलबा हटवाया जगाधरी सिटी थाना प्रभारी विरेंद्र कुमार ने बताया कि महल का हिस्सा गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। हादसे में घायल बुजुर्ग दंपती को तत्काल इलाज दिलाया गया। इसके बाद महल के मालिकों को आवश्यक हिदायत दी गई और गली में पड़ा मलबा हटवाया गया। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर लोगों की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि महल का जो हिस्सा अभी भी कमजोर हालत में खड़ा है, उसकी जल्द जांच और सुरक्षा जरूरी है। बारिश के मौसम में यदि जर्जर दीवारों को लेकर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो दोबारा बड़ा हादसा हो सकता है।



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