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कबड्‌डी प्लेयर शीलू बल्हारा को ससुराल पक्ष ने माफ किया:रोहतक में पत्नी सुसाइड केस में 3 मांगों पर सहमति बनी; शिकायत वापस होगी




रोहतक में कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा के सुसाइड केस में मंगलवार को फरमाणा गांव में पंचायत हुई। पंचायत में मुस्कान के परिवार ने शीलू के परिवार को माफ कर दिया। पंचायत में तय हुआ कि शीलू और मुस्कान के आठ महीने के बेटे हार्दिक के नाम 50 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी। इसके अलावा, जिस मकान में शीलू का परिवार रहता है, वह भी बेटे के नाम किया जाएगा। एकेडमी के नाम खरीदी गई जमीन भी उसके नाम कराने का फैसला हुआ। मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने पंचायत के इस फैसले पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने पर राजी हो गए। 31 जुलाई को मुस्कान ने बहु अकबरपुर गांव स्थित ससुराल में फांसी लगाई थी। मुस्कान के पिता की शिकायत पर बहु अकबरपुर थाने में शीलू बल्हारा समेत 4 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब जानिए पंचायत पर दोनों गांव ने क्या कहा…… ‘पंचायत ने मांगा एक हफ्ते का समय, बेटे के नाम होगी FD’ बहु अकबरपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान नंबरदार ने कहा कि शीलू के परिवार ने पंचायत में माफी मांगी। फरमाणा गांव की पंचायत ने चारों को माफ कर दिया। पंचायत में जिन बातों पर सहमति बनी है, उन्हें पूरा करने के लिए थोड़ा समय मांगा गया है। पंचायत ने इसकी पूरी जिम्मेदारी ली है। एक सप्ताह में बच्चे के नाम FD करवा दी जाएगी। जमीन नाम कराने में जितना समय लगेगा, उसकी जानकारी फरमाणा गांव की पंचायत को दी जाएगी। ‘शीलू शादी करना चाहता है तो घर बसाएंगे’ फरमाणा गांव के पूर्व सरपंच सतीश ने कहा कि शीलू को वे अपने बेटे की तरह ही देखेंगे। अगर शीलू दूसरी शादी करना चाहता है तो उसका घर बसाने का भी प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि थाने में जाकर समय बढ़वाने की जरूरत हुई तो शीलू इसके लिए तैयार है। बुधवार तक का समय लिखित में दिया गया था, अब 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा जाएगा। जिस दिन जमीन, मकान और FD बच्चे के नाम हो जाएगी, उसी दिन शिकायत वापस ले ली जाएगी। पंचायत एक हफ्ते के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास करेगी। एडवोकेट बोले- समझौते के बाद भी अपने आप खत्म नहीं होगा केस सीनियर एडवोकेट अशोक कादियान ने बताया कि अगर किसी महिला की ससुराल में सुसाइड के बाद मायके वाले दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराते हैं और बाद में पंचायत या आपसी सहमति से शिकायत वापस लेने को तैयार हो जाते हैं, तो सिर्फ शिकायत वापस लेने से केस अपने आप खत्म नहीं होता। इसमें पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होती है। अगर जांच में दहेज के लिए प्रताड़ित करने या मारपीट के सबूत नहीं मिलते हैं, तो पुलिस जांच के आधार पर केस में उचित धाराएं तय करेगी। मुस्कान सुसाइड से लेकर केस दर्ज होने तक क्या-क्या हुआ…



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