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पठानकोट बिजली घर में 132/33 केवी पावर ट्रांसफार्मर डैमेज हो जाने के कारण धार ब्लॉक का जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। ट्रांसफार्मर खराब होने से छतवाल और दुनेरा बिजली घर ठप हो गए हैं, जिससे ब्लॉक के लगभग 52 गांवों में पिछले 7 दिनों से न तो बिजली है और न ही पीने का पानी। भीषण गर्मी और जल संकट से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने जंडवाल में पठानकोट-डलहौजी-कुल्लू हाईवे पर ढाई घंटे तक चक्का जाम कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की 2 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सुबह रस्सी लगाकर रोका हाईवे, दरी बिछाकर बैठीं महिलाएं पानी और बिजली न आने से आक्रोशित ग्रामीण सुबह 8 बजे के करीब जंडवाल में हाईवे पर उतर आए और रस्सियां लगाकर दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने सड़क पर दरी बिछाकर धरना दिया और पंजाब सरकार व बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल रिटायर्ड सीओ संतोख राज, रूपिंदर सिंह और अमरिंदर कुमार ने बताया कि पिछले 1 सप्ताह से जंडवाल, छतवाल, हरियाल, मामून, बुंगल, डाटा, बझार आदि गांवों में बिजली पूरी तरह बंद है। पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा और पास के ‘पीर बाबा’ के स्थान से पानी लाकर जैसे-तैसे काम चलाना पड़ रहा है। मजबूर होकर पंचायतों को किराए पर जनरेटर मंगाने पड़े, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। हाईवे पर फंसे सैकड़ों टूरिस्ट, 2 किमी तक लगीं गाड़ियों की कतारें हाईवे जाम होने के कारण पठानकोट से डलहौजी, धर्मशाला, चंबा और कुल्लू जाने वाले पर्यटकों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक रास्ता न होने के कारण सैकड़ों वाहन ढाई घंटे तक चिलचिलाती धूप में फंसे रहे। दिल्ली, हरियाणा से डलहौजी जा रहे पर्यटकों ने बताया कि वे लंबे समय से जाम में अटके हुए हैं। मौके पर मामून कैंट थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर प्रीति अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर दोपहर करीब 2:00 बजे जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली-पानी की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गर्मी से मौतों का दावा, अधिकारियों की अनदेखी से रोष स्थानीय निवासियों मनीष वर्मा, सुनील कुमार, रस्नेहा वर्मा, किरण मल्होत्रा, किरण वर्मा, ज्योति बाला और आशा रानी ने आरोप लगाया कि बिजली-पानी न होने से एक हफ्ते में जंडवाल गांव में 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से कुछ की मौत भीषण गर्मी के कारण हुई है। जंडवाल गांव की सरपंच जसविंदर कौर के बेटे मनकिरन सिंह ने कहा कि अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण जनता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों की मुश्किल का जल्द होगा हल वहीं, जब इस मामले संबंधी पावरकॉम विभाग के एसडीओ इंजीनियर जीतांशु से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पठानकोट में 132/33 केवीए का ट्रांसफार्मर ख़राब हो गया था। तभी से लोगों को 66 केवी सब स्टेशन धार कलां के सुकरेत फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। नया ट्रांसफार्मर परसो आ गया था जिसको लगाकर उसकी जांच की जा रही है मंगलवार रात तक नया ट्रांसफार्मर काम करना शुरू कर देगा और लोगों की समस्या हल हो जाएगी। जनरेटर से वाटर सप्लाई के भर रहे टैंकर वहीं, जन सेहत विभाग के सब डिविजन अफसर (एसडीओ) संजीव कुमार के साथ बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जब तक बिजली की आपूर्ति नहीं मिल जाती जन सेहत विभाग की ओर से किराए पर जरनेटर लेकर वाटर सप्लाई बोरवैल से टैंकरों के माध्यम से लोगों को पानी की आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि अभी छतवाल में जनरेटर भेजा है। शाम को जंडवाल में जनरेटर से पानी की आपूर्ति दी जाएगी। बाकी 33 केवी लाइन चलने से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ना मिलने से बंद हुई जल सप्लाई सुचारू रूप से चलनी शुरू हो जाएगी। विभाग के पास अपने जनरेटर नहीं है इस लिए पानी की आपूर्ति देने में दिक्कत आ रही है।
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