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Hisar Congress President Bajrang Garg Resigns


हिसार13 घंटे पहले

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हिसार कांग्रेस जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग एक दिन पहले ही पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मुलाकात हुई थी। - Dainik Bhaskar

हिसार कांग्रेस जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग एक दिन पहले ही पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मुलाकात हुई थी।

हरियाणा में हिसार कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त को इस्तीफा भेजा है। इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला देते हुए लिखा-सामाजिक कार्यों में अधिक बिजी रहता हूं, पार्टी का काम सक्रिय रूप से नहीं कर पाएंगे।

हालांकि, पार्टी सूत्र इस्तीफे का असल कारण संगठन से उनकी नाराजगी बता रहे हैं। जब से गर्ग को शहरी प्रधान बनाया गया तभी से वो नाराज थे और इस्तीफा देना चाहते थे। मगर, बार-बार कहने पर भी उनका इस्तीफा नहीं लिया गया। फिलहाल बजरंग दास गर्ग की ओर से कोई रिएक्शन नहीं आया है।

एक दिन पहले ही गर्ग की पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उधर, कांग्रेस के ग्रामीण जिला बृजलाल बहबलपुरिया का कहना है कि बजरंग दास गर्ग के इस्तीफे की जानकारी नहीं है। इस पर पार्टी हाईकमान फैसला करेगी। पार्टी को उनसे बात कर इस्तीफा मंजूर नहीं करना चाहिए।

बता दें कि प्रदेश में 11 साल बाद राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद जिला स्तर पर संगठन बन सका था। अगस्त 2025 में जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी हुई थी।

मंच संचालन को लेकर दोनों जिलाध्यक्ष आपस में भिड़ चुके हैं।

मंच संचालन को लेकर दोनों जिलाध्यक्ष आपस में भिड़ चुके हैं।

ग्रामीण और शहरी जिलाध्यक्ष के बीच विवाद के तीन कारण…

  • वोट चोरी कार्यक्रम में मंच संचालन करने से रोका : ग्रामीण जिलाध्यक्ष बहलपुरिया और कांग्रेस शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग वोट चोरी के कार्यक्रम पर मंच संचालन को लेकर भिड़ चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र और दीपेंद्र हुड्‌डा की मौजूदगी में दोनों के बीच हॉट टॉक हुई थी। इसके बाद दोनों जिलाध्यक्ष ने पार्टी अनुशासन समिति के समक्ष माफी मांगी थी।
  • कांग्रेस भवन से सैलजा का पोस्टर हटाया : ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस भवन पर लगे कुमारी सैलजा के पोस्टर को हटा दिया था। इसकी जगह ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने पुराने पोस्टर को हटाकर नया पोस्टर लगा दिया। इसमें कुमारी सैलजा के फोटो का साइज छोटा कर साइड में कर दिया, जबकि सुरेजवाला को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के बराबर दिखाया है। विवाद के बाद पोस्टर बदलना पड़ा।
  • ग्रामीण प्रधान बनना चाहते थे, पद मिला शहरी : बजरंग दास गर्ग हुड्‌डा गुट से आते हैं। हुड्डा की पैरवी से ही वे जिलाध्यक्ष बने थे। हालांकि, गर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष बनना चाहते थे। मगर, शहर में बड़ा चेहरा ना होने के कारण उनको शहरी जिलाध्यक्ष बनाया गया। वे इस पद से खुश नहीं थे। हिसार कांग्रेस में ग्रामीण जिलाध्यक्ष शहरी से ज्यादा पावरफुल है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पास हिसार छोड़कर सभी 6 हलके हैं और जबकि शहरी जिलाध्यक्ष के पास शहर का ही एरिया है।
ग्रामीण ज़िला अध्यक्ष ने अपनी नेम प्लेट कांग्रेस भवन हिसार में लगा ली थी

ग्रामीण ज़िला अध्यक्ष ने अपनी नेम प्लेट कांग्रेस भवन हिसार में लगा ली थी

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के वक्त भी दिखी थी दोनों जिलाध्यक्षों के बीच फूट

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में हिसार जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भी गुटबाजी सामने आई। ग्रामीण जिलाध्यक्ष बहबलपुरिया और शहरी जिलाध्यक्ष गर्ग 1 घंटे के अंतर पर अलग-अलग ज्ञापन देने पहुंचे थे। तब बहबलपुरिया ने कहा था कि कांग्रेस में कोई फूट नहीं है। शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष अलग-अलग हैं, इसलिए दो ज्ञापन दिए गए हैं।

जंतर-प्रदर्शन के समर्थन में हिसार में जिला मुख्यालय पर शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष अलग-अलग ज्ञापन देने पहुंचे थे।

जंतर-प्रदर्शन के समर्थन में हिसार में जिला मुख्यालय पर शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष अलग-अलग ज्ञापन देने पहुंचे थे।

BJP जिलाध्यक्ष ने ली चुटकी, बोलीं- अपना घर तो संभल नहीं रहा

वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष के इस्तीफे पर भाजपा ने चुटकी ली है। भाजपा में मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे पर कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने कहा था कि कई मंडल अध्यक्ष उनके संपर्क में हैं और बड़ा धमाका करेंगे। इस पर अब हिसार भाजपा जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ ने कहा कि इनसे अपना घर तो संभल नहीं रहा और हमारे मंडल अध्यक्षों की तरफ देख रहे थे। इनको चाहिए पहले अपनी घर में लगी आग को बुझाए।

हमारा परिवार तो एकजुट हैं और इनके परिवार में फूट पड़ी है। भाजपा जिला संयोजक मुकेश बंसल ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपना घर संभालना चाहिए।

कौन है बजरंग दास गर्ग, जिन्होंने इस्तीफा दिया

कांग्रेस सरकार बदलते ही भाजपा में चले गए थे

बजरंग दास गर्ग हरियाणा में दो बार मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में 9 साल से ज्यादा कॉनफेड के चेयरमैन रहे थे। जब 2014 में चुनाव सिर पर थे तो उन्होंने दिल्ली जाकर भाजपा के हरियाणा प्रभारी अनिल जैन के सामने पार्टी जॉइन कर ली। भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद न देखकर वे डॉ सुभाष चंद्रा के सहयोगी बन गए। भाजपा में कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे।

भजन लाल के करीबी रहे, हुड्डा सीएम बने तो पाला बदला

बजरंग दास गर्ग 1991 में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के साथ काम कर चुके हैं। लंबे समय तक भजनलाल परिवार का साथ दिया। भजनलाल जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थे, तो गर्ग ने कैथल से टिकट की फरमाइश की, जो मिला नहीं। चुनाव के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री बने तो वह हुड्डा के करीबी हो गए और कुछ समय बाद ही कॉनफेड के चेयरमैन का पद पाने में सफल रहे थे।

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