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सिरसा कांग्रेस के पार्टी संगठन में जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल और विधायक गोकुल सेतिया के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। दोनों ही एक-दूसरे पर सियासी तंज कसकर आरोप लगा रहे हैं। दोनों के बीच बात नशा करने एवं नशा बेचने वाली तक पहुंच गई है। बात यहां तक पहुंच गई है कि जिलाध्यक्ष द्वारा विधायक के समर्थकों के पास फोन से संपर्क करने पर भी ऐतराज जताया जा रहा हैं। खास बात है कि पार्टी नेतृत्व की ओर से भी रोक नहीं है। इस गुटबाजी को रोकने को न सांसद कुमारी सैलजा तो न ही नेता प्रतिपक्ष या प्रदेशाध्यक्ष की ओर से कोई बयान जारी हुआ है। दो दिन पहले जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल सोनीपत में पार्टी मीटिंग के दौरान प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह से मिली थी और संगठन विस्तार पर चर्चा भी हुई। वहीं, पिछले सप्ताह कांग्रेस ने सिरसा में 8 नए ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की थी, जिन पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई। अब संशय है कि वे ही अध्यक्ष रहेंगे या नए चुने जाएंगे, जबकि इनके नाम विधायकों से ही मांगे गए थे। इसमें भी जिलाध्यक्ष ने ही हस्तेक्षप किए जाने की सूचना है। इस तरह कहा जाए कि हुडडा और सैलजा के बाद तीसरा गुट बन गया है और वर्करों में भी काफी नाराजगी है, जो सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कमेंट में लिखा-भीड़ में आधार कार्ड चेक नहीं होते और सरकार से बोलने में डर लगता है सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया की इस पोस्ट पर समर्थकों और लोगों के मिले-जुले कमेंट्स हैं। कमेंट में लिखा-लगे रहो विधायक जी जब तक कांग्रेस मिट्टी में न मिल जाए। भीड़ कहीं से बुलाओ भाई साहब प्रोग्राम में सिर गिने जाते हैं, आधार कार्ड थोड़ी चेक होते हैं, संतोष में कुछ तो दम है कि सरदूलगढ से लोग आ गए। विधायक जी आपके तेवर ठीक है, मैं उचाना से हूं। सेतिया साहब ये चेप्टर बिलकुल क्लोज करके दूर हो जाओ। भाई विरोध ठीक है, भाषा तो सही रखो। भाई जी जब आपके बारे में लिखता हूं तो अल्फाज नहीं मिलते। ये आपकी गलत बात है बहन तो बहन होती है। लक्ष्मण जिसका नाना है, स्वाभिमान जरूरी है। कुछ ने लिखा- ये राजनीति जल्दी बेरी बन जाते हैं, ज्यादा हल्का इंसान निकले आप और नेता जी चुप रहकर बड़े-बड़ो को हराया जा सकता है। सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है तो अपनों के खिलाफ भी बोल लो। सुरेवाला के साथी ने लिखा-भाई तेरा घणा बढा सांग कोणी। एक ने लिखा-मैं बीजेपी का समर्थक हूं, पर भाई साहब दिल से आपकी तारीफ कर रहा हूं। विधायक सेतिया बोले-पहले वाला डैमेज कंट्रोल करना है, ये नया बीच में आ गया जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बयान के बाद विधायक गोकुल सेतिया ने भी बयान दिया कि पार्टी ने ब्लॉक अध्यक्षों के लिए नाम मांगे थे, जिनके हमने नाम दिए और पार्टी ने उनको मौका दिया। वो अलग बात है कि पार्टी ने लिस्ट होल्ड पर रख दी। उनके फोन नंबर जिलाध्यक्ष को क्या मिल गए? जिलाध्यक्ष उनको बार-बार फोन करके कहती कि 9 तारीख को प्रोग्राम है, आप आओ। हमारे लोगों को आप फोन कैसे कर रहे हो? और वो भी हमारे विरोधियों के लिए कर रहे हो। हमारे घर में आकर गोल करोगे क्या? हर पार्टी में गुटबाजी होती है और हमारी पार्टी में भी है। हमें पहले वाला डैमेज कंट्रोल करना है। अब ये नया कौर बीच में घुसा दिया और वो भी ये कहते कि हमने कौन सी मलाई खाई। उस समय राजीव गांधी ने इनको इतना प्रमोट किया और मुख्यमंत्री तक पहुंचने वाले थे। ये सिला दिया। संतोष ने कहा था-रात को नशे में डाली होगी पोस्ट जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, विरोध करने वालों को वर्करों ने जवाब देने का काम किया है। गोकुल सेतिया उन्हें बड़ी बहन कहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि शायद उनके घर में बड़ी बहन को इसी तरह का सम्मान मिलता होगा। इससे पहले एक निजी चैनल को दिए बयान में बेनीवाल ने सेतिया की सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पोस्ट रात करीब 12 बजे डाली गई थी। क्या पता नशे में हो। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं।
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