![]()
नगर नगम की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी यानी एफएंडसीसी के दो मैंबर्स को नियुक्त करने का अधिकार मेयर का नहीं है। यह खुलासा लोकल बॉडी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर के हाईकोर्ट में जमा करवाए गए लेटर से हुआ। यही नहीं लुधियाना नगर निगम की फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी से विधायक पुत्रों के इस्तीफे को लेकर भी नया खुलासा हुआ है। लोकल बॉडी डिपार्टमेंट ने विधायक पुत्रों की नियुक्ति को एक अगस्त को ही रद्द कर दिया था जबकि उन्होंने तीन अगस्त को इस्तीफा देने का दावा किया है। विधायक मदनलाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा और कुलवंत सिद्धू के बेटे युवराज सिद्धू को मेयर इंदरजीत कौर ने एफएंडसीसी का मेंबर नियुक्त किया था। जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इस पर लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट से जवाब तलबी की थी और उसके बाद लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने कमिश्नर को दोनों सदस्यों को बर्खास्त करने के आदेश दिए। डायरेक्टर ने अब आदेश की कॉपी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सब्मिट की है। लोकल बॉडीज विभाग के डायरेक्टर ने लेटर में लिखी ये अहम बातें… विधायक पुत्रों को एफएंडसीसी में शामिल करने पर क्यों है आपत्ति, जानिए.. बर्खास्तगी के बाद इस्तीफा देने का कोई मतलब नहीं याचिकाकर्ता गौरव भट्टी ने कहा कि मेयर पर दबाव बनाकर विधायकों ने अपने बेटों को एफएंडसीसी का मैंबर बनाया। मेयर ने नियमों को ताक पर रखकर उन्हें मैंबर बना दिया। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर लोकल बॉडीज ने दोनों को एक अगस्त को ही बर्खास्त कर दिया था और उन्होंने तीन अगस्त को फेसबुक पर पोस्ट डालकर इस्तीफे की घोषणा की। गौरव भट्टी का कहना है कि जब उन्हें बर्खास्त कर दिया तो इस्तीफे का क्या मतलब। उन्होंने कहा कि इस्तीफे की बात कहकर दरअसल वो अपनी गलती पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
Source link







