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हरियाणा में नारनौल थाना सदर क्षेत्र के गांव खासपुर के पास नहर में डूबने से जान गंवाने वाले दोनों किशोरों का शुक्रवार को नागरिक अस्पताल नारनौल में पोस्टमार्टम कराया गया। गुरुवार शाम दौड़ लगाने के लिए नहर किनारे पहुंचे दोनों किशोर नहाने के लिए पानी में उतर गए थे, जहां गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी। आपको बता दें कि गांव खासपुर में नहर में नहाने के लिए कार्तिक व गौरव नाम के करीब 13 व 14 वर्षीय किशोर नहर में उतर गए थे। इस हादसे के बाद एक किशोर कार्तिक को ग्रामीणों ने नहर से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे किशोर गौरव का शव करीब तीन घंटे बाद गोताखोरों ने नहर से बरामद किया गया था। गौरव दो बहनों का था भाई हादसे का शिकार हुए दोनों बच्चों के पिता मजदूरी करते हैं। वहीं दोनों ही बच्चे गांव में बने सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। इस दर्दनाक हादसे में मृतक गौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। वहीं कार्तिक के परिवार में उसका एक बड़ा भाई भी है। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में शोक का माहौल है। ये हुआ था हादसा गांव खासपुर निवासी 14 वर्षीय कार्तिक पुत्र सत्यवीर और 13 वर्षीय गौरव पुत्र अशोक गुरुवार शाम गांव हुडीना-खासपुर रोड स्थित नहर के पास दौड़ लगाने के लिए पहुंचे थे। दौड़ लगाने के बाद दोनों नहर में नहाने के लिए उतर गए। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे। महिलाओं ने देखा था पास में मौजूद महिलाओं ने दोनों को डूबते देखा तो शोर मचाया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कार्तिक को नहर से बाहर निकाल लिया। उसकी सांसें चल रही थीं, इसलिए उसे तुरंत निजी अस्पताल नारनौल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन घंटे बाद मिला था गौरव का शव दूसरे किशोर गौरव की तलाश के लिए पुलिस, प्रशासन, गोताखोरों और ग्रामीणों ने देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। हादसे के करीब तीन घंटे बाद गोताखोरों ने उसका शव नहर से बरामद किया। दोनों किशोरों के कपड़े नहर किनारे मिले। दोनों परिवार गरीब इस बारे में गांव के सरपंच दारा सिंह ने बताया कि दोनों बच्चे गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। दोनों के परिवारों की आर्थिक हालत सही नहीं है। इनके पिता मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाते हैं।
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