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हरियाणा बागवानी योजनाओं में गड़बड़ी पर 13 साल बाद FIR:कागजों में आम के बाग और वर्मी कंपोस्ट यूनिट, 82 मामलों में घटिया बीज मिले




हरियाणा बागवानी विभाग की योजनाओं में गड़बड़ियों के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 13 साल पुरानी जांच के आधार पर FIR दर्ज की है। यमुनानगर में 2007-08 से 2012-13 के बीच DHO तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी रहे सुधीर यादव, HDO सोरन सिंह समेत अन्य तत्कालीन कर्मचारियों के खिलाफ IPC की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120-B, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) सहपठित 13(2) और बीज अधिनियम की धारा 19 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामला वर्ष 2013 में शुरू हुई जांच से जुड़ा है। जांच में कुल 26 आरोपों की पड़ताल की जानी थी। यमुनानगर जिले से संबंधित 5 आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए। जांच में बागवानी योजनाओं के तहत किसानों को दी गई सहायता, पौधरोपण, पुराने बागों के पुनर्जीवन, जैविक खेती, सब्सिडी पर बीज व अन्य सामग्री की खरीद और घटिया बीज के मामलों में कार्रवाई को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। अब जानिए वो 5 आरोप, जिनमें दोषी मिले अधिकारी … 2013 में शुरू हुई जांच, 2025 में अंतिम रिपोर्ट; 2026 में FIR मामले की मूल जांच 28 मार्च 2013 को दर्ज हुई थी। जांच पूरी होने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने अंतिम रिपोर्ट 18 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार के चौकसी विभाग को भेजी। मंजूरी मिलने के बाद तत्कालीन DHO सुधीर यादव, HOD सोरन सिंह और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि योजनाओं की राशि किस स्तर पर जारी हुई, रिकॉर्ड में दर्शाए गए काम वास्तव में हुए या नहीं, खरीद और वितरण प्रक्रिया में किन अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका थी और घटिया बीज के मामलों में कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।



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