सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची पीड़िता।
पठानकोट में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 7वीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ 40 साल के टीचर ने अश्लील हरकतें की। पीड़िता के अनुसार, जब उसने इसके बारे में दूसरे टीचरों को बताया तो उन्हें मामला दबाने के लिए उल्टा उसे ही चुप रहने के लिए कह दिया
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इसके बाद छात्रा घर पहुंची और पूरी घटना के बारे में अपनी मां को बताया। इसके बाद परिजन स्कूल पहुंची और हंगामा कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और मामला शांत कराया। आरोपी टीचर को भी गिरफ्तार कर लिया है और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
इधर, आरोपी टीचर सुरजीत सिंह के परिवार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। केस रद्द के लिए आरोपी के परिजन थाने के बाहर धारने पर बैठ गए हैं। परिवार का दावा है कि उनके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है।

सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंची पीड़िता।
कंप्यूटर लैब में ले जाकर की गलत हरकत
पीड़िता ने बताया कि स्कूल के टीचर ने उसे जबरन कंप्यूटर लैब में बुलाया और वहां उसके साथ गलत हरकत की। जब उसने अन्य टीचरों से इस बारे में बात की तो उल्टा टीचरों ने उसे ही डांटकर चुप करवा दिया। इसके बाद उसने यह बात अपनी मां को बताई। परिजनों का आरोप है कि आरोपी टीचर ने बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की।
छात्रा ने परिजनों बताया, स्कूल में हंगामा
छात्रा ने सोमवार को घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामला गरमा गया। सूचना मिलते ही परिजन, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग स्कूल पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया।
इसके बाद पुलिस छात्रा को मेडिकल जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले गई। थाना प्रभारी मोहित टाक खुद बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस का कहना है कि छात्रा के बयान लिए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी
बच्ची की बुआ बोली- बेटियां कहां सुरक्षित
बच्ची की बुआ ने बताया कि जब बच्ची ने घर आकर आपबीती बताई, तो हमारे पैरों तले जमीन खिसक गई। हम तुरंत स्कूल पहुंचे ताकि आरोपी टीचर से जवाब मांग सकें, लेकिन वह वहां से फरार हो चुका था। जो टीचर बच्चों का भविष्य संवारने के लिए जिम्मेदार हैं, वही अगर ऐसा घिनौना काम करेंगे तो बेटियां कहां सुरक्षित रहेंगी?
टीचर परिजन बोले- सभी आरोप निराधार
आरोपी टीचर सुरजीत के परिवार ने कहा कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह बिल्कुल निराधार है। शिकायतकर्ता लड़की के साथ पढ़ने वाले अन्य बच्चों ने खुद बताया है की सुरजीत सिंह लड़की को अकेले में कंप्यूटर लैब के अंदर नहीं लेकर गए थे, जिस वक्त कंप्यूटर लैब में अकेले लेकर जाने की बात की जा रही है, उस समय पूरी क्लास के बच्चे कंप्यूटर लैब में मौजूद थे।
शिकायतकर्ता लड़की को समझने के लिहाज से टीचर ने उसके कंधे पर जरूर हाथ रखा गया था, लेकिन किसी भी तरह की अश्लील हरकत नहीं की गई। पुलिस किसी दबाव में आकर सुरजीत के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। दूसरे पक्ष को ना तो सुना जा रहा है और ना ही किसी के बयान दर्ज किए गए हैं।
टीचर गिरफ्तार, जांच कर रही पुलिस
पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर आरोपी सुरजीत कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है। आज ही आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगामी कार्रवाई कमल में लाई जाएगी। हालांकि इससे पहले भी टीचर के खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत नहीं आई है। स्कूल में सुरजीत के साथ काम करने वाले टीचरों का यही कहना है कि आज तक ऐसी किसी भी हरकत के बारे में इसकी जानकारी नहीं है, जबकि यह 3 साल से इसी स्कूल में काम कर रहा है।
क्या है पॉक्सो कानून
POCSO एक विशेष कानून है, जो नाबालिग बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए 2012 में लागू किया गया था।
- 18 साल से कम उम्र का हर व्यक्ति ‘बच्चा’ माना जाता है।
- मामलों की सुनवाई के लिए विशेष POCSO कोर्ट बनाई जाती हैं।
- पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है।
- गंभीर मामलों में उम्रकैद या मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है (2019 संशोधन के बाद)।







