अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल हुए पूर्व विधायक डॉ. दलबीर सिंह और SGPC सदस्य बिक्रमजीत सिंह।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में नए नेताओं के शामिल होने का सिलसिला जारी है। अमृतसर में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक डॉ. दलबीर सिंह वेरका और एसजीपीसी सदस्य बिक्रमजीत सिंह कोटला ने अपने समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
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पार्टी नेताओं ने दोनों नेताओं का स्वागत करते हुए इसे संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग पारंपरिक राजनीतिक दलों से निराश हैं और अब बदलाव की उम्मीद के साथ अकाली दल (वारिस पंजाब दे) से जुड़ रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब इस समय कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने नशे, बेरोजगारी और युवाओं के विदेशों की ओर बढ़ते रुझान को प्रदेश के प्रमुख मुद्दे बताया। सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाने चाहिए।

डॉ. दलबीर सिंह वेरका और एसजीपीसी सदस्य बिक्रमजीत सिंह कोटला ने समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
विधानसभा के विशेष सत्र से लोगों को काफी उम्मीदें
बरनाला की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को हर वर्ग की आवाज सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। बेअदबी रोकथाम कानून समेत अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सभी दलों की सहमति से फैसला लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।
परंपराओं का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए
एसजीपीसी सदस्य बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि पंजाब और सिख पंथ से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और परंपराओं का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण कानून या फैसले से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय लेना जरूरी है।
युवाओं का लगातार विदेशों की ओर पलायन
पार्टी प्रमुख बापू तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी चुनौतियां नशा, बेरोजगारी और युवाओं का लगातार विदेशों की ओर पलायन हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी रोजगार, शिक्षा और नशामुक्त पंजाब के मुद्दों को लेकर लगातार लोगों के बीच पहुंच रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने और आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को मजबूत करने की अपील की।







