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पंजाब सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट आम आदमी क्लिनिकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने आज से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। पंजाब आम आदमी क्लिनिकों यूनियन के बैनर तले शुरू हुई इस हड़ताल के कारण प्रदेश के 884 आम आदमी क्लिनिकों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इन क्लिनिकों में लोगों को मुफ्त इलाज, दवाइयां और लैब टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हड़ताल के तहत कर्मचारी आज सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। 70 हजार से ज्यादा मरीज होंगे प्रभावित आम आदमी क्लिनिकों में रोजाना औसतन 70 हजार से अधिक मरीज इलाज, मुफ्त दवाइयों और विभिन्न जांचों के लिए पहुंचते हैं। कर्मचारियों की कामबंद हड़ताल के कारण इन सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। क्लिनिकों में कामकाज प्रभावित होने से मरीजों को अब जिला अस्पतालों और सब-डिवीजनल अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। डॉक्टर, फार्मेसी ऑफिसर और क्लीनिकल असिस्टेंट हड़ताल पर हड़ताल में आम आदमी क्लिनिकों में तैनात मेडिकल ऑफिसर, फार्मेसी ऑफिसर और क्लीनिकल असिस्टेंट शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। 6 जुलाई तक मांगें पूरी करने का मिला था आश्वासन पंजाब आम आदमी क्लिनिक फार्मासिस्ट ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह के अनुसार, कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य सेवा निदेशक को ज्ञापन सौंपा था। उस समय विभाग की ओर से 6 जुलाई तक मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि 22 जुलाई को यूनियन प्रतिनिधियों ने जब दोबारा स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया तो अधिकारियों ने मांगें मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल पर जाने का फैसला लिया।
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पंजाब में आम आदमी क्लिनिकों में काम ठप:अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डॉक्टर-स्टाफ; 70 हजार मरीज परेशान; बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात







