![]()
कैथल में युवकों को विदेश भेजने के नाम पर करीब 20 लाख रुपए की ठगी करने के एक मामले में पुलिस की एंटी इमिग्रेशन सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने उसे मलेशिया में काम दिलाने कसा झांसा दिया था, लेकिन काम नहीं दिलाया। वहां उन्हें जेल में डाल दिया गया। बाद में और रुपए लेकर वहां से रूस भेज दिया। एक युवक अब भी मलेशिया में ही जेल में हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान डेरा बलराम पट्टी कोथ मानस रोड कैथल निवासी अमरजीत के रूप में हुई है। दोनों बेटों को विदेश भेजने का झांसा दिया मानस रोड कैथल निवासी रामलाल की शिकायत अनुसार कैथल निवासी अमरजीत उर्फ गैरी ने उसके दोनों बेटों को वर्क परमिट पर मलेशिया भेजने का झांसा दिया था। आरोपी ने 6 जून 2022 को उसका बेटा वरुण व 23 अक्टूबर 2022 को दूसरा बेटा अरुण गैर कानूनी तरीके से मलेशिया भेज दिया। इसकी एवज में उससे 4 लाख रुपए भी हड़प लिए। मलेशिया में बेटों को न तो वर्क परमिट दिलवाया और न ही किसी काम पर लगवाया। बिना वीजा रहने की वजह से मलेशिया की पुलिस ने दोनों बेटों को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया। मलेशिया में रहने वाले एक पाकिस्तानी युवक ने दोनों बेटों को जेल से रिहा करवाया। इसके बाद भी उन्हें वर्क परमिट नहीं दिलवाया गया। उसने पंचायतों के माध्यम से आरोपियों पर दबाव डाला कि बेटों को वापस बुलाया, लेकिन एजेंट ने असमर्थता जताई। घर गिरवी रखकर 15.59 लाख रुपए की रकम दी आरोपी ने कहा कि अरुण को मलेशिया से ही जर्मन भेज देगा। उसके लिए 16 लाख रुपए मांगे। आरोपियों पर विश्वास करके उसने अपना घर गिरवी रखकर 15.59 लाख रुपए की रकम दी। रुपए लेने के बाद अरुण को जर्मनी की बजाय रूस भेज दिया। फिर वहां की पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। रूस सरकार ने 10 महीने बाद अरूण को भारत डिपोर्ट किया और वरुण कुमार अब भी मलेशिया में फंसा हुआ है। रुपए वापस मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हैं। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि शिकायत अनुसार धोखाधड़ी करने में अमरजीत के साथ सुनीता, मनजीत कौर व कांतो देवी भी शामिल हैं। इस बारे में थाना शहर में मामला दर्ज किया गया था। व्यापक पूछताछ के लिए आरोपी का न्यायालय से 2 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
Source link
कैथल में विदेश भेजने के नाम पर ठगी:दो भाइयों को मलेशिया भेजा, एक युवक अब भी जेल में बंद






