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रोहतक की जाट एजुकेशन सोसायटी के प्रधान की सदस्यता बहाल:स्टेट रजिस्ट्रार ने पलटा जिला रजिस्ट्रार का निर्णय, महासचिव भी अपने पद पर बने रहेंगे




रोहतक में उतर भारत की सबसे बड़ी जाटों की संस्था जाट एजुकेशन सोसायटी के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना व महासचिव नवदीप कुमार की आजीवन सदस्यता को स्टेट फर्म एंड सोसायटी रजिस्ट्रार ने बहाल कर दिया है। स्टेट रजिस्ट्रार ने जिला रजिस्ट्रार के फैसले को पलट दिया है। जाट एजुकेशन सोसायटी के कॉलेजियम सदस्य नरेश कुमार, कोषाध्यक्ष सुधीर व अन्य कॉलेजियम सदस्यों द्वारा संस्था में व्याप्त कुप्रबंधन, वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं तथा संस्था के बाई-लॉज एवं हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसायटीज एक्ट 2012 (HRRS Act, 2012) के उल्लंघन संबंधी शिकायत डीसी को दी गई थी। डीसी ने मामले में आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला रजिस्ट्रार (फर्म एवं सोसायटीज) को निर्देश दिए। जिला रजिस्ट्रार ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूर्ण अवसर दिया और जांच के बाद दोनों की सदस्यता को रद्द कर दिया। प्रधान ने इस फैसले को स्टेट रजिस्ट्रार के पास चैलेंज किया, जहां से उनकी सदस्यता को दोबारा बहाल कर दिया गया। संस्था को चलाने के लिए उपप्रधान के पास रहा चार्ज
जाट शिक्षण संस्था के प्रधान व महासचिव की सदस्यता रद्द करने के कारण कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए उपप्रधान धर्मराज के पास चार्ज रहा। संस्था में आगामी निर्णय लेने का अधिकार धर्मराज के पास था, ताकि विकास का कोई काम न रूके और शिक्षकों का वेतन भी समय पर जारी किया जा सके। शिकायतकर्ता ने की थी विजिलेंस जांच की मांग
शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने संस्था के प्रधान व महासचिव द्वारा दो वर्षों के दौरान लिए गए सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष एवं व्यापक जांच की मांग की थी। साथ ही इसके लिए सरकार एवं संबंधित एजेंसियों से विजिलेंस जांच की मांग उठाई, ताकि संस्था की संपत्तियों, संसाधनों तथा वित्तीय लेन-देन से संबंधित सभी तथ्यों की पारदर्शी जांच हो सके। स्टेट रजिस्ट्रार ने सुनवाई करते हुए सदस्यता की बहाल
जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह व महासचिव नवदीप की तरफ से स्टेट रजिस्ट्रार के पास अपील की गई थी। स्टेट रजिस्ट्रार ने जिला रजिस्ट्रार के फैसले को गलत बताते हुए निर्णय को बदला और प्रधान व महासचिव की सदस्यता को दोबारा बहाल कर दिया। दोनों अपने पदों पर दोबारा कार्य करेंगे।



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