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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बैठक कल:सेक्टर-53 की 2018 हाउसिंग स्कीम होगी बंद, सेक्टर-51 के फ्लैट मालिकों को मिल सकती है राहत




चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कल होने वाली बैठक शहर की आवासीय योजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में सेक्टर-53 की वर्ष 2018 से लंबित जनरल हाउसिंग स्कीम को औपचारिक रूप से बंद करने और सेक्टर-51 की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम-2016 के फ्लैट मालिकों के लिए लॉक-इन अवधि 10 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने जैसे अहम प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, संशोधित मास्टर प्लान-2031 को अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण सेक्टर-53 परियोजना पर आगे बढ़ना फिलहाल संभव नहीं माना जा रहा। ऐसे में बोर्ड इस योजना को समाप्त करने या अगले आदेश तक होल्ड पर रखने का निर्णय ले सकता है। 492 प्लॉटों वाली योजना पर लग सकता है विराम वर्ष 2018 में शुरू की गई सेक्टर-53 की जनरल हाउसिंग स्कीम के तहत 492 प्लॉट विकसित किए जाने थे। योजना को सफल बनाने के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने तीन बार डिमांड सर्वे कराया, लेकिन अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिले। कई आवेदकों की जमा राशि भी वापस करनी पड़ी। योजना की सर्वे प्रक्रिया, डिजाइन और अन्य औपचारिकताओं पर बोर्ड लाखों रुपये खर्च कर चुका है। इसके अलावा परियोजना के लिए मिली पर्यावरणीय मंजूरी (एनवायरमेंट क्लियरेंस) की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में बैठक में इस योजना को औपचारिक रूप से समाप्त करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-53 में नई हाउसिंग स्कीम विकसित करने के लिए निजी डेवलपर्स से लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) भी आमंत्रित किए गए थे, लेकिन फिलहाल इस प्रक्रिया को भी रोक दिया गया है। मास्टर प्लान-2031 में संशोधन के बाद यहां नई आधुनिक और किफायती आवासीय परियोजना विकसित की जा सकती है। सेक्टर-51 के फ्लैट मालिकों को मिल सकती है राहत बैठक में सेक्टर-51 की सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम-2016 के करीब 200 फ्लैट मालिकों को राहत देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वर्तमान में इन फ्लैटों पर 10 वर्ष की लॉक-इन अवधि लागू है, जिसके कारण अलॉटी अपनी संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकते। बोर्ड लॉक-इन अवधि को घटाकर 5 वर्ष करने पर विचार करेगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पात्र फ्लैट मालिक अपनी संपत्ति बेचने या ट्रांसफर करने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे। मास्टर प्लान पर टिकी नई हाउसिंग स्कीम की उम्मीद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नई आवासीय योजनाओं का भविष्य अब संशोधित मास्टर प्लान-2031 की मंजूरी पर निर्भर माना जा रहा है। मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद सेक्टर-53 सहित अन्य क्षेत्रों में नई और आधुनिक हाउसिंग स्कीम शुरू करने की दिशा में बोर्ड आगे बढ़ सकता है।



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