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झज्जर ग्वालिशन रोड जमीन घोटाला; फर्जी रजिस्ट्रियां रद्द:असली मालिकों को मिली राहत,डीसी के संज्ञान में पहुंचा था मामला, अन्य फर्जी रजिस्ट्री की भी जांच शुरू




झज्जर जिले के ग्वालिशन रोड स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन से जुड़े चर्चित प्रकरण में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवादित रजिस्ट्रियों को रद्द कर दिया है। यह मामला DC वर्षा खांगवाल के संज्ञान में आने के बाद जांच के लिए भेजा गया था। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रियों को निरस्त कर दिया गया। समाधान शिविर में आई शिखकायत का समाधान समाधान शिविर के दौरान डीसी वर्षा खांगवाल के समक्ष शिकायत रखी थी कि उनकी जमीनों की रजिस्ट्रियां उनकी जानकारी और सहमति के बिना अन्य लोगों के नाम कर दी गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि कई जमीनों की रजिस्ट्रियां असली मालिकों की एनओसी के बिना ही दूसरे व्यक्तियों के नाम कर दी गई थीं। कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2024 में फर्जी तरीके से जमीनों की रजिस्ट्रियां करवाई गई थीं। इसके बाद पीड़ित परिवार लगातार प्रशासन और सरकार के समक्ष न्याय की गुहार लगा रहे थे। जांच पूरी होने के बाद संबंधित सभी रजिस्ट्रियां रद्द कर दी गईं। पैसों की जरूरत में बेचने पहुंचे तो खुला राज छावनी मोहल्ला निवासी अशोक कुमार ने बताया कि परिवार की आर्थिक जरूरतों के चलते वह अपनी जमीन बेचने और उसकी रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसील पहुंचे थे। वहां उन्हें पता चला कि उनकी जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज हो चुकी है। जांच में सामने आया कि जमीन एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी के नाम पर दर्ज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने और अन्य प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से शिकायत की थी। इन लोगों की जमीनों की रजिस्ट्रियां हुई रद्द प्रशासनिक कार्रवाई के तहत जगनाथ के पुत्र ओमप्रकाश, बनवारी, अशोक कुमार इंवर, गीता रानी, हरीओम, अमरनाथ तथा अन्य प्रभावित लोगों की जमीनों से संबंधित विवादित रजिस्ट्रियां रद्द कर दी गई हैं। बताया गया है कि जिन लोगों के नाम पर जमीन दर्ज हुई थी, उनके खिलाफ पहले से एफआईआर भी दर्ज है। जांच का दायरा बढ़ सकता है मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन संबंधी इस प्रकरण में एक के बाद एक नई जानकारियां सामने आ रही हैं। यदि जांच के दौरान किसी राजस्व अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और ऐसी अन्य भी फर्जी रजिस्ट्री होने की संभावना है। बाताया जा रहा इसी रोड़ पर और जमीनों की नकली मालिक खड़े करके रजिस्ट्री की सूचना मिली है, उनकी भी जांच कराई जाएगी। इस कार्रवाई को जिले में जमीन संबंधी धोखाधड़ी के खिलाफ प्रशासन की बड़ी पहल माना जा रहा है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।



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