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करनाल में MLFF टोल सिस्टम 23 जून से शुरू:बिना रुके कटेगा टोल,200-250 कर्मचारियों के रोजगार पर संकट, लोकल पास और नए नियमों को लेकर बढ़ी चिंता




करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) सिस्टम का ट्रायल पूरा हो चुका है और अब 22-23 जून की दरमियानी रात से इसके शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जिसके लिए टोल पर एमएलएफएफ कमिंग सून के होर्डिंग भी लगने शुरू हो गए है। हालांकि पहले इसे 1 जून, फिर 15 जून और अब 23 जून से लागू करने की बात सामने आई है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा और टोल अपने आप कट जाएगा, लेकिन कर्मचारियों के रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है। कैमरों और सेंसर की निगरानी में होगी टोल वसूली
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर 32 अत्याधुनिक कैमरे और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहन पर लगे फास्टैग और नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। जैसे ही वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेगा, सिस्टम उसकी पहचान कर संबंधित खाते से टोल राशि स्वतः काट लेगा। पूरी प्रक्रिया में वाहन को कहीं भी रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
बिना रुके गुजरेंगे वाहन, ऑटोमैटिक कटेगा टोल
एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। वाहन सीधे गैंट्री के नीचे से गुजरेंगे और फास्टैग के जरिए टोल राशि अपने आप कट जाएगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी और यात्रा तेज व आसान बनेगी। हालांकि इस सुविधा के साथ ही टोल पर काम करने वाले करीब 200 से 250 कर्मचारियों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा है। सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक होने के कारण टोल बूथ और बैरियर हटा दिए जाएंगे, जिससे स्टाफ की जरूरत काफी कम हो जाएगी।
तकनीकी तैयारियां पूरी, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
बसताड़ा टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां ओवरहेड गैंट्री स्थापित की गई है और आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इन कंट्रोल रूम से स्टाफ और सुरक्षा कर्मी पूरे सिस्टम पर नजर रखेंगे। गैंट्री पर लगे आरएफआईडी रीडर वाहन के फास्टैग को स्कैन करेंगे, जबकि कैमरे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान तकनीक के जरिए करीब 50 मीटर की दूरी से ही नंबर प्लेट पढ़ लेंगे। वाहन के गुजरते ही डेटा सेंट्रल टोल सॉफ्टवेयर तक पहुंच जाएगा और भुगतान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
फास्टैग नहीं तो भी कटेगा टोल, लग सकती है पेनल्टी
यदि किसी वाहन में फास्टैग नहीं है, तो कैमरों के जरिए नंबर प्लेट के आधार पर टोल वसूला जाएगा। अगर किसी कारण से टोल राशि नहीं कटती, तो वाहन मालिक को एसएमएस या मोबाइल ऐप के माध्यम से सूचना दी जाएगी। नए नियमों के तहत ऐसे मामलों में पेनल्टी भी लग सकती है। ऑनलाइन भुगतान करने पर सवा गुना और नकद भुगतान करने पर दोगुना टोल देना पड़ सकता है। इससे टोल चोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
हरियाणा का पहला और देश का चौथा टोल प्लाजा बनेगा
बसताड़ा टोल प्लाजा इस सिस्टम को लागू करने वाला हरियाणा का पहला और देश का चौथा टोल प्लाजा होगा। इससे पहले गुजरात के एनएच-48 पर भरूच-सूरत खंड के चोरयासी टोल प्लाजा पर यह सिस्टम शुरू किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ हरियाणा भी नई तकनीक अपनाने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।
कर्मचारियों की बढ़ी चिंता, वैकल्पिक रोजगार नहीं
एमएलएफएफ सिस्टम के ट्रायल के बाद से ही टोल कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। करीब 200 से 250 लोगों के रोजगार पर खतरा बना हुआ है और उनके पास कोई वैकल्पिक रोजगार भी नहीं है। सिस्टम लागू होने के बाद केवल कुछ सुरक्षा कर्मी और इंजीनियर ही काम पर रहेंगे, जो निगरानी और तकनीकी संचालन संभालेंगे।
लोकल वाहन चालकों को लेना पड़ सकता है पास
इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद लोकल वाहन चालकों को भी बदलाव का सामना करना पड़ेगा। अब केवल लोकल पहचान पत्र दिखाकर टोल पार नहीं किया जा सकेगा, क्योंकि पूरा सिस्टम ऑटोमेटिक होगा। सूत्रों के अनुसार 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए 350 रुपए मासिक पास की सुविधा दी जा सकती है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर सीधा चालान
यदि किसी वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या उसे जानबूझकर छुपाया गया है, तो ऐसे मामलों में सीधे चालान किया जाएगा। सिस्टम हर वाहन की पहचान करेगा और रिकॉर्ड रखेगा, जिससे नियमों का उल्लंघन करना मुश्किल हो जाएगा।
केंद्र सरकार की देशभर में लागू करने की योजना
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिसंबर 2025 में संसद में जानकारी दी थी कि एमएलएफएफ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम को 2026 के अंत तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से गुजर सकेंगे।
नियमों में संशोधन, बकाया पर रुकेगी सेवाएं
बैरियर-लेस टोलिंग को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने जनवरी 2026 में सेंट्रल मोटर व्हीकल नियमों में संशोधन किया। नए नियमों के अनुसार यदि किसी वाहन पर टोल बकाया है, तो उसकी ओनरशिप ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण, इंटर-स्टेट ट्रांसफर और कमर्शियल परमिट जैसी सेवाएं रोक दी जाएंगी। इसके साथ ही “अनपेड यूजर फी” की नई परिभाषा भी जोड़ी गई है।
फास्टैग नहीं तो मिलेगा ई-नोटिस, बाद में देना होगा दोगुना टोल
टोल प्रबंधन के अनुसार यदि किसी वाहन पर फास्टैग नहीं होगा या नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई होगी तो ऐसे वाहन मालिकों को ई-नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर निर्धारित राशि जमा नहीं कराने पर दोगुना टोल वसूला जाएगा। इसलिए वाहन चालकों को फास्टैग सक्रिय और रिचार्ज रखने की सलाह दी गई है।
वीआईपी या पुलिस वाहन को भी नहीं मिलेगी विशेष छूट
नई व्यवस्था में केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत श्रेणी के वाहनों को ही छूट मिलेगी। पुलिस वाहनों या वीआईपी श्रेणी के वाहनों को सामान्य रूप से टोल देना होगा। इससे टोलिंग व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा समान होगी।
अभी नोटिफिकेशन का इंतजार
टोल प्रबंधक मुकेश कुमार के अनुसार अभी 23 जून से सिस्टम शुरू होने की बात सुनने में आई है, लेकिन अभी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन नहीं मिला है। ऐसे में सभी की नजर अब सरकार के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है, जिसके बाद ही इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत होगी।



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