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पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा- आज हमारी विदेश नीति किस दिशा में जा रही है पता नहीं। अमेरिका के राष्ट्रपति हमारे पीएम मोदीजी के बारे में क्या कमेंट करते है, शर्म आती है। मोदी हमारे देश के प्रधानमंत्री हैं, हम अलग पार्टी के हैं, वो अलग पार्टी के हैं लेकिन देश के प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री की कोई बेज्जती करे तो यह बर्दाश्त नहीं हो सकता। गहलोत ने कहा- ट्रंप कह रहे हैं कि मोदी मुझे खुश करने में लगे हुए हैं, मोदी का मैं पोलिटिकल कैरियर खत्म कर सकता हूं। यह हिम्मत किसी राष्ट्रपति की हो और हम चुप रहें यह क्या है? इस पर जितने बातें करें उतनी कम है। गहलोत जयपुर में दांडी मार्च समापन की शांति सभा में बोल रहे थे। युवा पीढ़ी सही को सही और गलत को गलत कहना सीखें, चुप रहेंगेगे तो देश को नुकसान होगा
गहलोत ने कहा- मैं पीढ़ी से कहूंगा कि देश अंदर जो घटनाएं दुर्घटनाएं हो रही है उसमें रिएक्शन देना सीखो, पता नहीं क्यों देश के लोगों ने मौन धारण कर रखा है, कुछ भी हो जाए चुप रहते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, गलत को गलत और सही को सही कहें। अगर हम गलत को गलत नहीं कहेंगे और चुप बैठे रहेंगे तो नुकसान देश को होगा। युवा पीढ़ी को चाहिए कि वह विचारधारा के आधार पर आगे आएं। राहुल गांधी संविधान बचाने की बात क्यों करते हैं, कुछ तो कारण होंगे। संविधान कमजोर हो गया तो हम कहां रहेंगे? देश दुनिया के वर्तमान हालात पर चिंतन मनन करें और आने वाले वक्त की चुनौतियों का मुकाबला करने की तैयारी करें। डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश कैसे बचेगा? गहलोत ने कहा- जिस दौर में में चल रहे हैं, इतने बड़े देश में लोकतंत्र खतरे में है जो सबके लिए चिंता का विषय होना चाहिए। डेमोक्रेसी नहीं रहेगी तो देश कैसे बचेगा? जिस लोगों को उम्मीद रहती हैकि बसे अंत में ज्यूडिशियरी में जाएंगे तो न्याय मिलेगा। ज्यूडिशरी दबाव में है। एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है, मनमर्जी से फैसले हो रहे हैं। चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है।
अमेरिकी ने वेनूजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण किया लेकिन दुनिया शांत रही, निंदा क्यों नहीं की? गहलोत ने कहा- एक तरफ तो हम विश्व शांति की बात करते हैं जो गांधी जी की सोच थी। गांधी के बारे में सोनिया गांधी ने कहा था गांधी अतीत नहीं भविष्य भी हैं। आज भी युद्ध हो रहे हैं, रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अभी ईरान और इजराइल अमेरिका का युद्ध चल रहे हो। आप वेनूजुएला का उदाहरण ले लीजिए। एक देश का राष्ट्रपति अन्य देश के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को किडनैप कर ले, अमेरिका के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला के राष्ट्रपतियों किडनैप कर लिया। दुनिया का किस दिशा में जा रही है ? पूरी दुनिया में इस बात का दुख भी है। लेकिन पूरी दुनिया शांत रही, जिस रूप में निंदा करनी चाहिए थी जिस रूप में करनी चाहिए थी वह नहीं की गई, पता नहीं क्या कारण रहे होंगे?
युद्ध की जगह गांधी का रास्ता ही सही विकल्प, हम तो शांति की प्रार्थना ही कर सकते हैं गहलोत ने कहा- बिना किसी कारण से युद्ध शुरू हो गया। इतने लोग मर रहे हैं। ईरान में मर रहे हैं, इजराइल अमेरिका में मर रहे हैं, संख्या इजरायल की कम ज्यादा हो सकती है। ईरान में छोटी बच्चियों का स्कूल था, उस पर बम गिरा दिया, सब मर गई बेचारी । हम तो शांति के लिए प्रार्थना ही कर सकते हैं कि दुनिया के लोगों को सद्बुद्धि मिले। दुनिया में गांधी का रास्ता ही शांति का रास्ता है, प्रेम मोहब्बत का रास्ता है। दुनिया 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाती है। आज भी सबको गांधी से प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारा सौभाग्य है जिस देश में हम रह रहे हैं उसमें गांधी हुए हैं। हमें गांधी दर्शन को फैलाना है। देश में राजस्थान में सबसे ज्यादा गांधी की बात होती है गहलोत ने कहा- हमारी सरकार थी तो गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए शांति और अहिंसा का प्रकोष्ठ और फिर विभाग बनाया था। इससे पूरे देश में एक मैसेज गया था। पूरे देश में सबसे ज्यादा कहीं गांधी की बात की जाती है ते वो राजस्थान है, जहां गांधीवाद को समर्पित कार्यकर्ता हैं।
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