spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Gurugram World Class City | Water Security & Sustainable Development Focus


कार्यक्रम के दौरान मंच पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञ।

गुरुग्राम ने देश के प्रमुख कारोबारी और रियल एस्टेट केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इसे वास्तव में विश्वस्तरीय और रहने योग्य शहर बनाने के लिए सतत विकास, जल सुरक्षा, बेहतर परिवहन व्यवस्था और नागरिक-के

.

यह विचार नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित नारेडको रियल एस्टेट कॉन्क्लेव 2026 के दौरान ‘गुरुग्राम 2.0: द रोड टू अ वर्ल्ड क्लास सिटी’ विषय पर हुई पैनल चर्चा में सामने आए। इस चर्चा में नीति-निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, वास्तुकारों और रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शहर के अगले विकास चरण की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया।

शहर की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पूर्व सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि गुरुग्राम के पास विश्वस्तरीय शहर बनने की अधिकांश विशेषताएं पहले से मौजूद हैं। अब जरूरत इस बात की है कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मार्ट और सतत शहर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने जल संरक्षण, उपचारित जल के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को शहर की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया।

साथ ही पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।

कार्यक्रम के समापन पर जानकारी देते हुए विशेषज्ञ।

कार्यक्रम के समापन पर जानकारी देते हुए विशेषज्ञ।

बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियां बनी हुई

काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर की उपनिदेशक प्रो. डॉ. रश्मि बी. टंडन ने कहा कि गुरुग्राम का विकास रियल एस्टेट क्षेत्र की बदौलत तेजी से हुआ है, लेकिन जल उपलब्धता, यातायात दबाव और असमान बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने नागरिकों की भागीदारी वाली शहरी योजना और पुराने तथा नए गुरुग्राम के बीच बुनियादी सुविधाओं की खाई को पाटने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सरकार संग समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध

नारेडको नेक्स्टजेन एनसीआर के प्रेसिडेंट एवं ट्यूलिप इंफ्राटेक के निदेशक सिद्धार्थ जैन ने कहा कि डेवलपर्स शहर की चुनौतियों से भलीभांति परिचित हैं और सरकार के साथ मिलकर समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, सीवरेज, ड्रेनेज और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को प्रमुख समस्याएं बताया।

नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से तय होगी

पैनल में शामिल विशेषज्ञों ने एकीकृत प्रशासनिक व्यवस्था, बेहतर सार्वजनिक स्थानों, पैदल यात्रियों के अनुकूल सड़कों, कुशल परिवहन प्रणाली और सतत जल प्रबंधन को गुरुग्राम 2.0 की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि शहर की सफलता केवल ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से तय होगी।

विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रभावी प्रशासन, पर्यावरणीय संतुलन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से गुरुग्राम भविष्य में दुनिया के सबसे टिकाऊ और रहने योग्य शहरों में अपनी जगह बना सकता है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles