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जालंधर ग्रामीण पुलिस ने भगोड़े नशा तस्कर को किया गिरफ्तार:100 नशीली गोलियां बरामद, लुधियाना से लाकर फिल्लौर में बेचता था ड्रग्स




जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना फिल्लौर की पुलिस टीम ने दो एनडीपीएस मामलों में अदालत द्वारा भगोड़े घोषित किए जा चुके एक शातिर नशा तस्कर को 100 नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हैप्पी निवासी मोहल्ला चौधरियां, फिल्लौर के रूप में हुई है, जो लुधियाना से सस्ते दामों पर नशीली गोलियां लाकर फिल्लौर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल कर लिया है ताकि इस ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पर्दाफाश किया जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई यह कामयाबी सीनियर सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस जालंधर ग्रामीण, एस. हरविंदर सिंह विर्क के दिशा-निर्देशों पर मिली है। इस ऑपरेशन को सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) विनीत अहलावत और डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस सब-डिवीजन फिल्लौर, भारत मसीह लाढर की देखरेख में अंजाम दिया गया। चेकिंग के दौरान आरोपी गिरफ्तार थाना फिल्लौर के एसएचओ इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह भुल्लर की अगुवाई में पुलिस टीम ने इलाके में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया हुआ था। इसी दौरान पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए हैप्पी पुत्र शादी राम, निवासी मोहल्ला चौधरियां (फिल्लौर) को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 100 नशीली गोलियां बरामद हुईं।थाना फिल्लौर में आरोपी हैप्पी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22/61/85 के तहत एफआईआर नंबर 165 दिनांक 18.06.2026 दर्ज की गई है। दो पुराने मामलों में चल रहा था भगोड़ा पुलिस की शुरुआती जांच और रिकॉर्ड खंगालने पर एक बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी हैप्पी कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पेशेवर अपराधी है। वह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में नामजद था और इन दोनों ही मामलों में अदालत द्वारा उसे भगोड़ा (P.O.) घोषित किया जा चुका था। भगोड़ा होने के बावजूद वह दोबारा धड़ल्ले से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त था। लुधियाना रेलवे स्टेशन से लाता था नशा प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह लुधियाना रेलवे स्टेशन के पास के इलाके से सस्ते दामों पर ये नशीली गोलियां खरीद कर लाता था। इसके बाद वह इन्हें फिल्लौर शहर के विभिन्न हिस्सों, जैसे लेबर मंडी एरिया और सिविल अस्पताल के बाहर ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था। खुद के नशे की पूर्ति के लिए करता था तस्करी पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी खुद भी नशे का आदी है। वह अवैध नशा तस्करी के इस धंधे से जो भी पैसा कमाता था, उसका इस्तेमाल वह अपने निजी नशे की लत और शौक को पूरा करने के लिए करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी लुधियाना में किससे नशा खरीदता था और फिल्लौर में उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।



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