![]()
कैथल के जिला नागरिक अस्पताल में बनने वाले आठ बेड के बच्चों के आईसीयू का काम अधर में लटक गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आईसीयू बनाने के लिए अस्पताल में स्थान तो निर्धारित कर लिया है, लेकिन इसके लिए वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में करीब दो माह पहले शुरू की गई आईसीयू बनाने की प्रक्रिया अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। महंगे दाम में करवा रहे इलाज हालांकि विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने वेंटिलेटर भेजने बारे कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया है, लेकिन अभी तक वेंटिलेटर नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगे दाम देकर इलाज करवाना पड़ रहा है। या फिर ऐसे मरीजों को विभाग की ओर से हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। बता दें कि इस आईसीयू में एक महीने से ऊपर के बच्चों को ही दाखिल किया जाएगा, जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होंगे। उनको यहीं पर इलाज मिलेगा और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इस आईसीयू में विशेषकर उन बच्चों को दाखिल किया जाएगा, जिन्हें वेंटिलेशन की जरूरत होगी। सांस गंभीर बुखार व किसी तरह की जानलेवा बीमारियों से पीड़ित होंगे। यहां छोटे बच्चों के साथ-साथ उनके अटेंडेंट के तौर पर अभिभावकों को भी रहने की सुविधा होगी। करीब 2 साल पहले अस्पताल में बच्चों का आईसीयू चल रहा था, लेकिन बाद में सामान की कमी और जरूरी उपकरणों के न होने के चलते इसे बंद कर दिया गया था। दवाइयां, बेड व अन्य उपकरण उपलब्ध जिला नागरिक अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिनेश कंसल ने बताया कि आईसीयू को शुरू करने से संबंधित तैयारी अस्पताल में लगभग पूरी हैं। दवाइयां, बेड व अन्य उपकरण उपलब्ध हैं। केवल वेंटिलेटर ने मिलने के कारण काम रुका हुआ है। इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जल्द वेंटिलेटर मिलते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
Source link
कैथल में बच्चों के आईसीयू के लिए वेंटिलेटर नहीं:अधर में लटका आईसीयू का निर्माण, अधिकारी बोले-मुख्यालय को पत्र लिखा, जल्द मिलेंगे







