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चंडीगढ़ में करीब 15 दिनों से जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के बिना काम कर रहे चंडीगढ़ शिक्षा विभाग को आखिरकार नया डीईओ मिल गया है। शिक्षा विभाग ने बीना रानी को जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही विभाग में लंबे समय से लंबित पड़े कई प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके रिटायर होने के बाद से डीईओ का पद खाली पड़ा था। विभाग के लिए यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि स्कूलों से जुड़े कई प्रशासनिक और वित्तीय फैसले डीईओ स्तर पर ही लिए जाते हैं। पद खाली रहने से प्रभावित हुए कई काम डीईओ का पद खाली रहने का सीधा असर शिक्षा विभाग के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा में दाखिले की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इसके अलावा विभाग में कई महत्वपूर्ण फाइलें भी लंबित पड़ी रहीं। विशेष रूप से चौथी श्रेणी कर्मचारियों के अनुबंध नवीनीकरण से जुड़ी फाइलों को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके कारण उनके वेतन संबंधी मामले भी प्रभावित हुए। नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा सूत्रों के अनुसार डीईओ का पद खाली रहने के पीछे नियुक्ति को लेकर चल रही आंतरिक प्रक्रिया भी एक कारण रही। बताया जा रहा है कि प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर आए एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल द्वारा स्वयं को डीईओ नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव चर्चा में था। इसी दौरान नए डीईओ की नियुक्ति को लेकर फैसला लंबित रहा और विभागीय कार्य प्रभावित होते रहे। हालांकि अब बीना रानी की नियुक्ति के साथ इस अनिश्चितता पर विराम लग गया है। नए डीईओ के कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले 11वीं कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को गति दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों से संबंधित लंबित प्रशासनिक मामलों, कर्मचारियों के अनुबंध और वेतन संबंधी फाइलों का भी निपटारा किया जाएगा। नए शैक्षणिक सत्र के बीच डीईओ की नियुक्ति को विभाग के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग को 15 दिन बाद मिला नया DEO:अब शुरू होंगे रुके हुए काम, 11वीं के दाखिले-कर्मचारियों की फाइलें प्रभावित







