spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

झज्जर के डीघल गांव में बढ़ा डर का माहौल:दिव्यांग जितेंद्र हत्याकांड के बाद परिवार बोला- जान का खतरा, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग




झज्जर जिले के गांव डीघल में लगातार बढ़ते आपराधिक घटनाक्रमों के बीच 2 जून को हुई 52 वर्षीय दिव्यांग जितेंद्र की हत्या के मामले ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। इस बीच मृतक जितेंद्र के पिता धर्मवीर मीडिया के सामने आए और परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की। धर्मवीर ने कहा कि उनके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि वे इस मामले को लेकर दो बार पुलिस कमिश्नर से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हत्याकांड के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए हुए हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह पर्याप्त नहीं है। परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को हथियारों के लाइसेंस उपलब्ध कराने चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी रक्षा कर सकें। धर्मवीर ने बताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि डीघल के गणमान्य लोगों तथा खाप पंचायतों को आगे आकर माहौल सामान्य बनाने की पहल करनी चाहिए। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि साहिल ने उनके पोते योगी के साथ मारपीट की थी और उसका वीडियो वायरल किया गया था। उनका कहना है कि पूरा परिवार इस समय भय और दहशत के माहौल में जी रहा है तथा घर से बाहर निकलने तक में डर महसूस कर रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके। उधर, साहिल हत्याकांड में आरोपी के रूप में जेल में बंद लीला के पिता ने भी अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि घटनाओं की श्रृंखला के बाद उनके परिवार का अमन-चैन पूरी तरह खत्म हो चुका है और वे भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लगातार हो रही वारदातों और बढ़ते तनाव के बीच डीघल गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन, सामाजिक संगठनों और खाप पंचायतों की संयुक्त पहल से ही गांव में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles