राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 25 हजार रुपए के इनामी और एक साल से फरार तस्कर को पंजाब के फिरोजपुर जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी सुनील कुमार गोशाला में छिपकर रह रहा था। आरोपी सुनील गायों की सेवा कर पहचान छि
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एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- ऑपरेशन ‘मदशिवन’ के अंतर्गत श्रीगंगानगर पुलिस ने इनामी अपराधी सुनील कुमार को पंजाब के फिरोजपुर स्थित एक गोशाला से गिरफ्तार किया। आरोपी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था।
एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया- एएनटीएफ टीम जब आरोपी सुनील की तलाश में उसके घर पहुंची तो वह नहीं मिला, लेकिन तलाशी के दौरान फिरोजपुर का ट्रेन का एक पुराना टिकट मिला। एएनटीएफ टीम ने ट्रेन टिकट की जांच की तो पता चला कि आरोपी सुनील का फिरोजपुर में कोई रिश्तेदार नहीं है। इससे टीम को संदेह हुआ कि वह वहीं छिपा हुआ है।

एक साल से कर रहा था गोशाला में काम
एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया- ANTF टीम फिरोजपुर पहुंची और स्थानीय लोगों को आरोपी सुनील की तस्वीर दिखाकर पूछताछ शुरू की। जांच में पता चला कि एक गोशाला में करीब एक साल से एक युवक गायों की सेवा कर रहा है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं।
आधे घंटे की घेराबंदी के बाद किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही एएनटीएफ टीम गोशाला पहुंची और वहां घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा और पास के स्कूल की दीवार फांदकर छिपने का प्रयास किया। हालांकि टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। करीब आधे घंटे तक चले इस पीछा और घेराबंदी अभियान के बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
जमीनों की ठगी से शुरू हुआ अपराध का सफर
जांच में सामने आया कि सुनील ने साल 2020 में लोगों को जमीन दिलाने का काम शुरू किया था। लालच में आकर उसने फर्जी तरीके से जमीनों की रजिस्ट्री कराना शुरू कर दिया। बाद में नशे की लत और कर्ज के कारण चोरी और धोखाधड़ी की वारदातों में शामिल हो गया। उसके खिलाफ श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों में चोरी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
नशे के कारोबार में भी रहा असफल
पुलिस के अनुसार- आरोपी ने अधिक कमाई के लालच में मादक पदार्थों की तस्करी शुरू की, लेकिन शुरुआत में ही उसकी खेप पुलिस के हत्थे चढ़ गई। इसके बावजूद वह नशे के कारोबार से जुड़ा रहा और बाद में फरार हो गया।







