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बरनाला जिले में गेहूं की पराली जलाने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर बरनाला हरप्रीत सिंह ने जिले के कुछ गांवों में पराली जलाने की घटनाओं के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसमें डीएसपी, संबंधित एसएचओ और तीन क्लस्टर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन की इस सख्ती से अधिकारियों में भी हलचल मच गई है। जानकारी के अनुसार, गांव ढिलवां पटियाला और मौड़ नाभा में गेहूं की पराली जलाने के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं की सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और संबंधित खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि पराली जलाने की रोकथाम के लिए नियुक्त अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से नहीं निभाई थी, जिसके बाद इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किए गए। DC बोले- प्रशासन पूरी तरह सतर्क डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसके लिए जिले भर में 40 क्लस्टर अधिकारी, असिस्टेंट क्लस्टर अधिकारी और 254 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखना और किसानों को जागरूक करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि आगे भी किसी क्षेत्र में पराली जलाने की घटना सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है कि वे पराली को आग लगाने के बजाय आधुनिक मशीनों और वैकल्पिक तरीकों से उसका प्रबंधन करें। इसका उद्देश्य पर्यावरण को नुकसान से बचाना और जमीन की उर्वरता बनाए रखना है। उन्होंने स्टबल प्रोटेक्शन फोर्स में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में जिले में पराली जलाने का एक भी मामला सामने नहीं आना चाहिए। प्रशासन ने किसानों से स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
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बरनाला में पराली जलाने पर DC सख्त:बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, DSP- SHO सहित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी







