चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) को नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने बड़ी राहत दी है। एनएमसी ने कॉलेज की एमबीबीएस वार्षिक प्रवेश क्षमता 150 से बढ़ाकर 200 सीटें करने की मंजूरी दे दी है। इन बढ़ी हुई 50 सीटों का लाभ इसी 2026-27 के एकेडमिक सेशन से मिलने लगेगा। संस्थान के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह स्वीकृति जीएमसीएच-32 द्वारा मेडिकल एजुकेशन की क्वालिटी बनाए रखने, आधुनिक एजुकेशन फैसिलिटीज के विकास और एनएमसी के सभी मानकों व गुणवत्ता मानदंडों का सफलतापूर्वक पालन करने के बाद मिली है। जीएमसीएच-32 प्रशासन ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए कहा कि सीटों में इस वृद्धि से उत्तर भारत के इस प्रमुख सरकारी संस्थान में अधिक मेधावी छात्रों को पढ़ाई का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और कुशल डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। पीजीआई में एमबीबीएस की 100 सीटें लंबे समय से पेंडिंग… एक तरफ जहां जीएमसीएच-32 को सफलता मिली है, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई चंडीगढ़ में एमबीबीएस शुरू होने की योजना लंबे समय से अटकी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जून 2022 में ही पीजीआई में 100 एमबीबीएस सीटें शुरू करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी, लेकिन आवश्यक बुनियादी ढांचे की कमी के कारण इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है। पीजीआई मुख्य रूप से एक पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट है, जबकि एनएमसी के मानकों के अनुसार एमबीबीएस सिलेबस शुरू करने के लिए फिजियोलॉजी सहित बेसिक साइंस डिपार्टमेंट और पर्याप्त फैकल्टी का होना अनिवार्य है। इन सुविधाओं के विकास, विशेषज्ञ टीचर्स की नियुक्ति और जरूरी इक्विपमेंट की खरीद पूरी होने के बाद ही पीजीआई के लिए एनएमसी से अंतिम मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा।
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50 सीटें बढ़ीं, जीएमसीएच में अब एमबीबीएस की 200 सीटें
