spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

3 साल पहले बने QAA की पहली ऑडिट रिपोर्ट:हरियाणा के 64 प्रोजेक्ट में गड़बड़ी; CM सैनी इन्फोर्समेंट पावर देंगे, अब इंजीनियर भी जिम्मेदार होंगे




हरियाणा में वर्ष 2023 में बने क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) ने सरकार को अपनी पहली ऑडिट रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट में सरकार के कई विभागों के 64 प्रोजेक्ट में गड़बड़ी मिली है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा में अब सड़क टूटने या भवन में खामी मिलने पर सिर्फ ठेकेदार नहीं, निगरानी करने वाले इंजीनियर भी जवाबदेह होंगे। QAA ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में ‘क्वालिटी ऑडिट’ अब औपचारिकता नहीं, बल्कि दंडात्मक व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। फिलहाल QAA एक सरकारी अधिसूचना के आधार पर काम कर रहा है। इसे कानूनी ताकत देने के लिए QAA एक्ट का मसौदा सरकार को भेजा गया है। अगर यह कानून बनता है तो प्राधिकरण को और अधिक प्रवर्तन शक्तियां मिल सकती हैं और गुणवत्ता संबंधी मामलों में उसकी भूमिका और मजबूत हो जाएगी। डिटेल में पढ़िए क्या है QAA, क्यों हुआ गठन? कैसे काम करता है QAA? QAA ने हर विभाग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मेथैड्स एंड प्रोसिजर्स (SOMP) तैयार किए हैं। इनमें तय किया गया है कि, परियोजना की योजना कैसे बनेगी। डिजाइन के मानक क्या होंगे। किस गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल होगी। निर्माण और रखरखाव की निगरानी कैसे होगी। मई 2025 में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन एसओएमपी का औपचारिक शुभारंभ किया था। विभाग अपनी मर्जी से सलाहकार नहीं चुन सकते QAA ने DPR और डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसियों का पैनल भी बनाया है। अब विभाग किसी भी सलाहकार को सीधे नियुक्त नहीं कर सकते। उन्हें QAA के पैनल में शामिल एजेंसियों में से ही चयन करना होगा। साथ ही कई परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और ऑडिट एजेंसियों की नियुक्ति भी अनिवार्य कर दी गई है। ऑडिट रिपोर्ट पर क्या हुआ एक्शन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है, कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए और एक ठेकेदार के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह कार्रवाई 64 सरकारी परियोजनाओं के ऑडिट के बाद हुई, जिसमें निर्माण गुणवत्ता और निगरानी में गंभीर कमियां सामने आई थीं। इन पर गिरी गाज लोक निर्माण विभाग (BR) के जूनियर इंजीनियर दीपक मलिक और सचिन तथा उप मंडल अभियंता दिलबाग मेहरा को निलंबित किया गया है। विकास एवं पंचायत विभाग के जूनियर इंजीनियर रमेश चंद और राजेश चौहान पर भी कार्रवाई हुई है। निलंबित अधिकारियों में एक कार्यकारी अभियंता भी शामिल है। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एक ठेकेदार के खिलाफ रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य विभागों ने भी अपनी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्या कहते हैं अधिकारी क्यूएए के चेयरमैन राजीव अरोड़ा बताते हैं कि, सरकार के इस कदम को सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक अधिकांश विभाग अपने ही कार्यों की जांच करते थे, लेकिन QAA के आने के बाद पहली बार स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट के आधार पर कार्रवाई हो रही है। यानी सड़क खराब बनी तो सिर्फ ठेकेदार नहीं, उसकी निगरानी करने वाले इंजीनियर भी जवाबदेह होंगे।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles