चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर इस साल 1 जनवरी से 15 अप्रैल तक 2.17 लाख से चालान किए गए।
चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर इस साल1 जनवरी से 15 अप्रैल तक करीब 105 दिनों में 2.17 लाख से ज्यादा चालान किए गए। इनमें से 1 लाख से ज्यादा लोगों से करीब ₹9.64 करोड़ का जुर्माना वसूला गया है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी जुर्माना जमा नहीं क
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सबसे ज्यादा रेड लाइट जंपिंग के मामले
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में सबसे ज्यादा उल्लंघन रेड लाइट जंप करने के सामने आए, जो ट्रैफिक के लिए सबसे खतरनाक माने जाते हैं। शहर के 109 ट्रैफिक सिग्नल पर कुल 1,26,139 मामले दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि बड़ी संख्या में लोग सिग्नल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
इसके अलावा ओवरस्पीडिंग के 32,783 मामले सामने आए, जो सड़क हादसों का एक बड़ा कारण बनते हैं। वहीं ज़ेब्रा क्रॉसिंग नियम तोड़ने के 31,762 मामले दर्ज हुए, जिससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।
6,793 चालान बिना हेलमेट
इस दौरान 6,793 लोगों का चालान बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर किया गया। वहीं 1,920 लोग बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के पकड़े गए। अचानक लेन बदलने के 2,056 मामले दर्ज हुए।
इसके अलावा 117 लोग मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग करते पकड़े गए। 1,169 वाहनों पर काली फिल्म लगी मिली, जबकि 1,753 गाड़ियों के नंबर प्लेट गलत या छिपे हुए थे। 1,145 लोगों पर गलत पार्किंग के लिए कार्रवाई की गई।
900 CCTV कैमरों से निगरानी
शहर में ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए 900 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो 285 लोकेशनों को कवर करते हैं। इनमें प्रमुख चौराहे, स्कूल, अस्पताल, पार्किंग और एंट्री-एग्जिट पॉइंट शामिल हैं।
ये कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से मॉनिटर किए जाते हैं। इनकी मदद से रेड लाइट जंपिंग, ओवरस्पीडिंग और ज़ेब्रा क्रॉसिंग जैसे मामलों पर नजर रखी जाती है, जबकि अन्य उल्लंघनों पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर कार्रवाई करती है।
1229 वाहन किए गए जब्त
कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले 1,229 वाहनों को जब्त किया गया। इन मामलों में बिना दस्तावेज, बार-बार नियम तोड़ना, खतरनाक ड्राइविंग और अन्य गंभीर लापरवाही शामिल रही, जिन पर पुलिस ने सख्त कदम उठाए।
शहर की आबादी भले ही करीब 10.55 लाख (जनगणना 2011) है, लेकिन यहां वाहनों की संख्या इससे ज्यादा हो चुकी है। पिछले कुछ सालों में कारों का रजिस्ट्रेशन तेजी से बढ़ा है और 2021 के बाद से कारों की संख्या दोपहिया वाहनों से ज्यादा हो गई है।
