जानकारी देते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता
कैथल में अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह संबंधित मामलों को लेकर प्रशासन चौकन्ना हो गया है। बाल विवाह जैसी घटनाओं को रोकने के लिए जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की ओर से करीब 1500 कर्मचारियों व स्कीम वर्करों की ड्यूटी ऐसी घटनाओं पर निगरानी रखने के लिए
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अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी
बता दें कि जिले में आज अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। अक्षय तृतीया के दिन विवाहों का मुहूर्त उत्तम माना जाता है। ऐसे में जिले में बाल विवाह की घटनाएं सामने आने की संभावना अधिक रहती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की ओर से पहले ही अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एक वर्ष में 30 मामले सामने आए
बीते वर्ष की बात करें तो जिले में 1 वर्ष में करीब 30 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर नाबालिग बच्चों की शादियों को रुकवाया। ऐसे 10 मामलों में विभिन्न थानों में एफआईआर भी हुई है, जिनकी अभी जांच की जा रही है। इस बार भी अक्षय तृतीया पर शादियों के शुभ मुहूर्त के चलते अधिकारी एक्टिव मोड में हैं।
पूरे जिले में निगरानी
जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता ने बताया कि कर्मचारियों व स्कीम वर्करों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए हैं। वे अक्षय तृतीया के दिन पूरे जिले में निगरानी रखेंगे। अगर कहीं भी ऐसी घटना सामने आती है तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करेंगे। बाल विवाह करवाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियम अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
