18वें एशियन गेम्स में हॉकी में रजत पदक विजेता रही कुमारी सविता पूनिया को अब पदम श्री अवार्ड से नवाजा गया है। सविता पूनिया ने इसका श्रेय अपने परिवार के समर्थन को देते हुए कहा है कि अगर मैं यह उपलब्धि हासिल सकती हूं, तो देश की अन्य बेटियां भी यह कर सकती हैं। सविता ने कहा, यह सम्मान अपने आप में बहुत बड़ा है। मैंने जब हॉकी खेलना शुरू किया था, तो कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा। मुझे इतने बड़े व्यक्तिगत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है। कई बार ऐसे हालात रहे। जब मुझे लगा कि हॉकी खेलना छोड़ना पड़ेगा, लेकिन परिवार के समर्थन के बाद मैंने हॉकी का सफर जारी रखा। जब एक लड़की होने के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार में आपको इतना समर्थन मिलता है, तो ये बेहद खास होता है। यह सभी के लिए एक शानदार उदाहरण है। अगर सविता ऐसा कर सकती है, तो अन्य बेटियां भी ऐसा कर सकती हैं।” सविता पूनिया पहले अर्जुन अवार्ड से सम्मानित इससे पहले सविता पूनिया को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। कुमारी सविता सिरसा जिले की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही है। इससे गांव और जिले में खुशी का माहौल है। पद्मश्री प्राप्त करने वाली हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान, मौजूदा गोलकीपर हैं। इन्हें भारतीय महिला हॉकी की ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से जाना जाता है। लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। वे कई पीढ़ियों की महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। बेस्ट गोलकीपर रही सविता दरअसल, कुमारी सविता को एशिया की ओर से बेस्ट गोलकीपर चुनी जा चुकी है। इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी बेहतरीन गोलकीपर में द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर हुई थीं। इससे पहले अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। वह सिरसा में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं।
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