हांसी में श्रमिक दिवस के अवसर पर विभिन्न ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नगर परिषद कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। हड़ताल में सीटू, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, एआईयूटीयूसी, एटक, इंटक और रिटायर्ड कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने भाग लिया। धरना सभा के बाद, सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पहुंचकर श्रमिक दिवस के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने 1886 में शिकागो में हुए मजदूर आंदोलन का जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप 8 घंटे कार्यदिवस और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए श्रम कानूनों के माध्यम से इन अधिकारों को कमजोर कर रही है। कर्मचारी नेता बोले- मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर रही सरकार यूनियन नेताओं ने दावा किया कि 44 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर 4 नए कानून लागू किए गए हैं, जिससे मजदूरों के अधिकारों में कटौती हो रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नए कानूनों के तहत काम के घंटे बढ़ाकर 14 घंटे तक किए जा सकते हैं और ओवरटाइम जैसी सुविधाएं समाप्त की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, यूनियनों के अधिकारों में कटौती, अस्थायी नियुक्तियों को बढ़ावा और सरकारी विभागों के निजीकरण जैसे कदमों को मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया गया। सभा में हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधा गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 24 दिनों से हड़ताल पर बैठे अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता न दिखाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने घोषणा की कि प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अग्निशमन कर्मचारियों के समर्थन में प्रतिदिन पदाधिकारी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। संघ ने 17 मई को रोहतक में राज्य स्तरीय कर्मचारी सम्मेलन आयोजित करने का भी ऐलान किया। सभी ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने 1 और 2 मई को दो दिवसीय हड़ताल की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
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हांसी में हड़ताल पर रहे नगर परिषद कर्मचारी:नए श्रम कानूनों का विरोध, बोले- अधिकार समाप्त कर रही सरकार, बडे़ आंदोलन की चेतावनी
