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हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट की कमेटी मीटिंग में अहम फैसले:18 करोड़ से ज्यादा खरीद की मंजूरी; 18 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे, 16 में होगी डायलिसिस




हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 करोड़ रुपए से अधिक के खरीद प्रस्तावों और रेट कॉन्ट्रैक्ट्स को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में हुई स्पेशल हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में दवाओं की खरीद से लेकर ऑक्सीजन प्लांट, ऑडियोमीटर और डायलिसिस सेवाओं तक कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से जिला और उप-मंडल स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी और मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। बैठक में लिए ये बड़े फैसले – 40 यूनानी दवाओं की खरीद के लिए 1.85 करोड़ रुपए मंजूर।
– मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 44 लाख रुपए के इंट्राओकुलर लेंस (IOL) खरीदे जाएंगे।
– थैलेसीमिया मरीजों की दवाओं के लिए 82 लाख रुपए की मंजूरी।
– 18 जिला नागरिक अस्पतालों में 18 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट और टैंक लगाने के लिए 9.55 करोड़ रुपए का दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट।
– 22 जिला नागरिक अस्पतालों के लिए 24 प्योर टोन ऑडियोमीटर खरीदने हेतु 3.02 करोड़ रुपए का दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट।
– 16 उप-मंडल नागरिक अस्पतालों में PPP मॉडल पर हीमोडायलिसिस सेवाएं शुरू करने के लिए 2.40 करोड़ रुपए के टेंडर को मंजूरी। जानें…मरीजों को क्या होगा फायदा स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि थैलेसीमिया मरीजों को दवाओं की नियमित उपलब्धता मिलेगी, जिससे उनका इलाज बिना रुकावट जारी रहेगा। वहीं मोतियाबिंद के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में समय पर और सस्ती सर्जरी की सुविधा मिलेगी। यूनानी दवाओं की खरीद से मरीजों को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर वैकल्पिक और समग्र चिकित्सा का विकल्प भी मिलेगा। ऑक्सीजन और डायलिसिस सेवाओं पर खास फोकस सरकार के मुताबिक, 18 जिला अस्पतालों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) प्लांट लगने से गंभीर मरीजों और इमरजेंसी सर्जरी के दौरान ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत भी कम होगी। इसके अलावा 16 उप-मंडल अस्पतालों में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस सेवाएं शुरू होने से किडनी मरीजों को अपने जिले के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता और इलाज का आर्थिक बोझ दोनों कम होंगे। सुनने की जांच भी होगी आसान 22 जिला अस्पतालों में नए ऑडियोमीटर उपलब्ध होने से कान और सुनने से जुड़ी समस्याओं की शुरुआती जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि ये सभी फैसले हरियाणा के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।



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