हरियाणा में पिछले कई दिनों से चल रही ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार शुक्रवार देर रात समाप्त हो गई। पानीपत के लोक निर्माण विभाग (PWD) के रेस्ट हाउस में सरकार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रतिनिधियों के बीच साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में सहमति बन गई है। सरकार ने सफाईकर्मियों की 18 में से 17 मांगों को सौहार्दपूर्ण माहौल में स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद यूनियन ने अपनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल को तुरंत प्रभाव से वापस लेने का एलान कर दिया है। यह महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विशेष दिशा-निर्देशों पर बुलाई गई थी, जिसमें प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार और सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक शुक्रवार शाम 6 बजे शुरू होकर देर रात 9:30 बजे तक चली। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर सरकार करेगी समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर यह वार्ता बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण रही। कर्मचारियों की मुख्य मांग थी कि 31 दिसंबर 2005 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए। इस मांग पर पंचायत मंत्री ने स्पष्ट किया कि चूंकि मामला माननीय हाईकोर्ट के एक फैसले से जुड़ा है, इसलिए सरकार इस कानूनी फैसले की गहनता से समीक्षा करेगी और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस एक मांग को छोड़कर बाकी सभी 17 मांगों पर पूर्ण सहमति बन गई है। इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति प्रशासनिक अधिकारी भी रहे बैठक में मौजूद कर्मचारियों के साथ इस गतिरोध को दूर करने के लिए बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव (APSC) यशपाल, पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) और विभाग के महानिदेशक (डायरेक्टर) सहित कई आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मांगों के वित्तीय व कानूनी पहलुओं को तुरंत मंजूरी दी। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए काम पर लौटने की घोषणा की।
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