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कुरुक्षेत्र में कार लूटकांड का मुख्यारोपी पकड़ा:जर्मनी से डिपोर्ट होकर गन प्वाइंट पर लूटी, एनकाउंटर में हुआ था घायल, कैथल के कारोबारी से वसूली रंगदारी




हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में गन प्वाइंट पर टैक्सी लूटकांड के मुख्यारोपी विशाल को पुलिस ने ऑपरेशन के बाद अस्पताल से छुट्‌टी मिलने पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विशाल निवासी कर्ण विहार करनाल को पुलिस मुठभेड़ में टांग पर गोली लगी थी। इस मामले में पुलिस विशाल के 7 साथियों को पकड़ चुकी है। आरोपी विशाल 6 जून को जर्मनी से डिपोर्ट होकर इंडिया लौटा था। जर्मनी में रहते हुए उसने अपने साथी निखिल निवासी ढांड जिला कैथल के साथ ढांड के रहने वाले कॉस्ट्यूम डिजाइनर से रंगदारी के नाम पर 2 लाख रुपए वसूल किए थे। इन्होंने डिजाइनर से 20 लाख रुपए की मांग की थी। अंबाला से कैथल के लिए बुक की टैक्सी अंबाला शहर के मंजीत कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई कि 12 जून की रात करीब साढ़े 8 बजे चार युवकों ने उसकी गाड़ी अंबाला से कैथल जाने के लिए बुक की थी। वह उनको अपनी टैक्सी में लेकर रवाना हुआ। रात करीब 9:40 बजे पिहोवा में एनएच-152 पर अरुणाय गांव के पास पहुंचे तो युवकों ने बाथरूम जाने के लिए गाड़ी रुकवाई। कनपटी पर तानी पिस्तौल कुछ देर बाद एक युवक ने उसकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। आरोपियों ने चालक को धमकाकर और उसकी कार व फोन लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच करते हुए अगले ही दिन 13 जून को लूटी गई कार हिसार जिले के गांव बबुवा से बरामद कर लिया। मुठभेड़ में पकड़े गए विशाल और लविश जांच के दौरान 15 जून को सीआईए-2 की टीम की आरोपी विशाल के साथ मुर्तजापुर गांव के पास मुठभेड़ हुई। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल होने पर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि उसके साथ लविश निवासी किठाना जिला कैथल को दबोच लिया गया। शॉर्टकट से कमाना था ज्यादा पैसा सीआईए-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह ने बताया कि विशाल और निखिल ने केवल कार लूट के लिए नहीं बल्कि रंगदारी, लूट और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए गैंग बनाया था। वे शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाना चाहते थे। आगे की वारदात को अंजाम देने के लिए 12 जून की रात अंबाला के टैक्सी ड्राइवर मंजीत कुमार से कार लूटी थी। दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल भी शामिल लूट में विशाल, लविश, कमलजीत सिंह निवासी सिंगपुरा और रोहित कुमार निवासी कुराली जिला मोहाली शामिल थे। निखिल ने लूट की वारदात की योजना बनाई और हथियार दिए थे। वहीं दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल अजय निवासी जखौली, अभिषेक निवासी कसान जिला कैथल और जसकरण निवासी सिंगपुरा ने लूट में सलाह दी थी।



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