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हरियाणा में प्रेगनेंट महिला, पति की ज्वाइंट टेस्ट की मंजूरी:HIV-सिफलिस को लेकर फैसला; हर साल 12 लाख टेस्ट होंगे, मां से शिशु संक्रमण जीरो होगा




हरियाणा में एचआईवी-एड्स के खिलाफ लड़ाई को तेज करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में आज हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) की 23वीं वर्किंग कमेटी की मीटिंग हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मीटिंग गर्भवती महिलाओं व उनके जीवनसाथियों की एचआईवी व सिफलिस की संयुक्त जांच कराने का फैसला लिया गया। NACO के संशोधित अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए हरियाणा में 5,95,880 जांच का लक्ष्य निर्धारित है। इस नए फैसले के तहत प्रति वर्ष लगभग 12 लाख संयुक्त जांच की आवश्यकता होगी, जिससे एचआईवी और सिफलिस के मातृ-से-शिशु संक्रमण को लगभग शून्य तक लाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। वॉइस मैसेज, एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे

मीटिंग में इसके अलावा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों (PLHIV) के लिए एक सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करने को मंजूरी दी गई है, जिसके माध्यम से वॉइस मैसेज, एसएमएस अलर्ट और फॉलो-अप रिमाइंडर भेजे जाएंगे। इससे उपचार में निरंतरता बनी रहेगी और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
मीटिंग में एचआईवी जांच और उपचार से जुड़े क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई। विभाग 95-95-99 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत 95 प्रतिशत संक्रमित व्यक्तियों की पहचान, 95 प्रतिशत को समय पर उपचार से जोड़ना और 99 प्रतिशत मरीजों में वायरल लोड को नियंत्रित करना शामिल है।
47.16 करोड़ का बजट मंजूर
मीटिंग में बजट प्रावधान, तकनीकी, जांच सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2026–27 के लिए 47.16 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। कमेटी ने वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना को मंज़ूरी दी, जिसका कुल परिव्यय 47.16 करोड़ रुपए से अधिक है।
इस बजट में लक्षित हस्तक्षेप और लिंक वर्कर स्कीम के लिए 16.45 करोड़ रुपए, ICTC/BSD सेवाओं के लिए 10.90 करोड़ रुपए, संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 6.22 करोड़ रुपए, देखभाल, सहयोग एवं उपचार (ART) के लिए 4.68 करोड़ रुपए, विभिन्न गतिविधियों के लिए 3.75 करोड़ रुपए तथा STI सेवाओं के लिए 1.52 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

पंचकूला में स्थापित होगी दूसरी वायरल लोड लैब

मीटिंग में यह भी बताया गया कि राज्य में दूसरी एचआईवी वायरल लोड लैब को मंजूरी मिल चुकी है, जिसे एक माह के भीतर पंचकूला में शुरू किया जाएगा। वर्तमान में पीजीआईएमएस रोहतक स्थित एकमात्र लैब 17 जिलों को सेवाएं दे रही है, जबकि 5 जिले नई दिल्ली स्थित IHBAS से जुड़े हुए हैं।
पंचकूला में नई लैब के शुरू होने के साथ, ज़िलों को तीन वायरल लोड लैब के बीच पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कैथल, हिसार, पानीपत और फरीदाबाद में चार नई CD4 मशीनें स्थापित की गई हैं, जो जल्द ही चालू हो जाएंगी।

वर्किंग एरिया में पॉलिसी लागू करने के निर्देश

मीटिंग में श्रम एवं उद्योग विभाग को सभी बड़े संस्थानों में एचआईवी/एड्स कार्यस्थल नीति लागू करने और CSR गतिविधियों में एचआईवी रोकथाम को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी सरकारी एवं निजी कॉलेजों में रेड रिबन क्लब स्थापित करने, स्कूलों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम लागू करने पर जोर दिया गया।



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