बठिंडा बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि, वर्तमान में चल रही हड़ताल के दौरान काम करने वाले वकीलों पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह फैसला लीगल एड डिफेंस काउंसिल के विरोध में लिया गया है, जिसके खिलाफ वकील समुदाय पंजाब भर में प्रदर्शन कर रहा है। पिछले कई हफ्तों से शहर के अधिवक्ता लीगल एड डिफेंस काउंसिल का विरोध कर रहा है। इस विरोध के चलते पूरे पंजाब में वकीलों ने काम बंद कर दिया है और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लीगल एड डिफेंस काउंसिल का समाज पर नकारात्मक प्रभाव : मान बठिंडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह मान ने बताया कि सरकार द्वारा गठित लीगल एड डिफेंस काउंसिल का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका तर्क है कि इसके माध्यम से अपराधी मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर रहे हैं और इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। मान के अनुसार, बार-बार अपराध करने वाले लोगों को मुफ्त कानूनी मदद मिलती है, जिससे वे जेल से बाहर आकर फिर से अपराध करते हैं। इससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है। वकील बोले- अपराधी उठा रहे गलत फायदा उन्होंने कहा कि संविधान में जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान है, लेकिन लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने यह तय करने के लिए कोई मापदंड निर्धारित नहीं किया है कि किस प्रकार के अपराधी को यह सहायता मिलनी चाहिए। नतीजतन, खूंखार अपराधी और आर्थिक अपराध करने वाले भी इसका फायदा उठा रहे हैं। एसोसिएशन की कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वकील इस हड़ताल के दौरान किसी भी मामले में जमानत या स्टे की अर्जी लेता है, तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।
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हड़ताल में काम करने पर लगेगा 5 हजार जुर्माना:बठिंडा बार एसोसिएशन का फैसला, लीगल एड डिफेंस काउंसिल का विरोध
