रोहतक को स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 में उत्तर भारत के बेस्ट परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट के तौर पर पहचान मिली है। वहीं, जल शक्ति मंत्रालय के देशव्यापी ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण में हरियाणा ने सभी उत्तर भारतीय राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। DC सचिन गुप्ता ने बताया कि रोहतक को यह उपलब्धि मैनेजमेंट के सही प्रबंधन के कारण मिली है। इसमें वैज्ञानिक तरीके से ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन किया गया। घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करना और स्रोत पर ही कचरे को अलग-अलग करना, कम्पोस्टिंग और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, सोक पिट सिस्टम और स्वच्छता से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर व समुदाय के नेतृत्व में स्वच्छता और व्यवहार में बदलाव किया गया है। जिला परिषद व DRDA की रही अहम भूमिका
DC सचिन गुप्ता ने बताया कि जिले को मिली इस उपलब्धि के पीछे ग्राम पंचायतों, स्वच्छता कर्मियों, फ्रंटलाइन अधिकारियों, स्वयं-सहायता समूहों, स्कूली छात्रों और हर नागरिक की कड़ी मेहनत है। ये सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नर-सह-चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (जिला परिषद और DRDA) के नेतृत्व में मिलकर काम कर रहे थे। स्वच्छता संकल्प से मिली सफलता
DC सचिन गुप्ता ने बताया कि यह उपलब्धि सिर्फ एक रैंकिंग नहीं, बल्कि पक्के इरादे वाली लीडरशिप, समुदाय की भागीदारी और स्वच्छता के प्रति साझा संकल्प का परिणाम है। सभी लोगों को मिलकर एक साफ-सुथरा, हरा-भरा, स्वस्थ और टिकाऊ जिला बनाकर ग्रामीण भारत के लिए एक मिसाल कायम करनी होगी।
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स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में रोहतक बेस्ट परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट:देशव्यापी ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्तर भारतीय राज्यों में हरियाणा रहा प्रथम
