यमुनानगर की शास्त्री कॉलोनी में रविवार सुबह मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान में लगी भीषण आग ने एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। हमीदा क्षेत्र की आनंद कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय शालिनी उर्फ शालू की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। शव का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की स्टीक वजह पता चल पाएगी। उधर युवती की मां का रो रोकर बुरा हाल है, क्योंकि शालिनी अपनी मां का इकलौता सहारा थी। सुबह साथ थीं मां-बेटी, कुछ घंटों में सब खत्म रविवार सुबह शालिनी अपनी मां सुनील कुमारी को सत्संग में छोड़कर रोज की तरह काम पर गई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। कुछ ही घंटों बाद जब आग और मौत की खबर पहुंची, तो मां सत्संग स्थल से ही रोती-बिलखती सीधे सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचीं। और बेटी का चेहरा देख बेहोश होकर गिर पड़ीं। बंद दरवाजे-खिड़कियों ने बढ़ाई त्रासदी घटना शास्त्री कॉलोनी स्थित ‘रमनदीप इंटरप्राइजेज’ में हुई, जो तीन मंजिला मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान है। आग लगने के समय ऊपर के दरवाजे और खिड़कियां बंद थीं, जिससे अंदर धुएं का गुबार भर गया। दुकान संचालक के अनुसार, एक कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल गया, लेकिन शालिनी अंदर ही फंस गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के दौरान पहले दरवाजे और खिड़कियां तोड़ी गईं ताकि धुआं बाहर निकल सके। इसके बाद अंदर पहुंचकर शालिनी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक साल से कर रही थी काम, मां का थी इकलौता सहारा शालिनी पिछले करीब एक साल से दुकान में काम कर रही थी और कंप्यूटर से जुड़ा काम संभालती थी। पिता के निधन के बाद वह अपनी मां का एकमात्र सहारा थी। परिवार पिछले करीब 30 वर्षों से उत्तराखंड के रुड़की से शिफ्ट होकर हमीदा क्षेत्र में रह रहा है। रिश्तेदारों के अनुसार, शालिनी ने हाल ही में अपना घर बनाने का सपना पूरा किया था और जल्द ही मां के साथ नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रही थी। परिजनों ने बताया कि शालिनी के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे और मां उसकी शादी की योजना बना रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। परिजनों के गंभीर आरोप मृतका के परिजनों ने दुकान मालिक और अन्य कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद बाकी लोग बाहर निकल गए, लेकिन शालिनी को बचाने की कोशिश नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि अब उन्हें समझौते के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं शालिनी का शव सिविल अस्पताल में रखा गया है, जिसका आज पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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सुबह साथ थीं मां-बेटी, शाम तक रह गई सिर्फ यादें:यमुनानगर में आग से युवती की मौत; बेटी के लिए तलाश रहे थे रिश्ता
