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सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पीएम मोदी को लिखा पत्र:पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बताया बड़ा खतरा




पंजाब के गुरदासपुर से लोकसभा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की बुरी स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। रंधावा के अनुसार, राज्य में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-आतंकवाद, विदेशी धरती से संचालित गैंगस्टरों का आतंक और पंजाब पुलिस का राजनीतिक दुरुपयोग चरम पर पहुंच चुका है। सांसद रंधावा ने इस संबंध में जमीनी हकीकत से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत मुलाकात का समय भी मांगा है। सांसद ने इस पत्र की एक प्रति गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी है। उन्होंने पत्र में कुछ घटनाओं का हवाला देकर पंजाब में आतंकी नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्हें पाकिस्तान की डीप स्टेट और कनाडा व अमेरिका में बैठे चरमपंथी तत्वों से मदद मिल रही है। उन्होंने पत्र में कुछ घटनाओं को उदाहरण देते हुए लिखा है कि फरवरी 2026 में आधियां गांव की पुलिस चौकी के भीतर दो जवानों की हत्या को उन्होंने भारतीय धरती पर राज्य-प्रायोजित हत्या करार दिया है। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में एक ही पखवाड़े के भीतर गुरदासपुर, अमृतसर के मजीठा और इस्लामाबाद क्षेत्रों के पुलिस थानों को निशाना बनाया गया था। सुखजिंदर रंधावा के पत्र की मुख्य बातें :
सीमावर्ती क्षेत्रों पर साया: गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिले पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल और ड्रोन के जरिए आने वाले हथियारों व नशीले पदार्थों के साये में जी रहे हैं ।
पुलिस कर्मियों की हत्या: 24 फरवरी 2026 को गुरदासपुर के आधियां गांव में आईएसआई के इशारे पर मात्र 20,000 रुपये के लिए दो पुलिसकर्मियों एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की चौकी के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई ।
थाने पर ग्रेनेड हमला: दिसंबर 2024 में गुरदासपुर के बख्शीवाल पुलिस स्टेशन और कलानौर के भखियारीवाल पुलिस पोस्ट पर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स द्वारा ग्रेनेड हमले किए गए ।
छोटे व्यापारियों से जबरन वसूली: गैंगस्टरों द्वारा छोटे व्यापारियों और प्रवासियों से लाखों-करोड़ों की रंगदारी मांगी जा रही है और पैसे न देने पर सरेआम गोलियां चलाई जा रही हैं। नार्को-आतंक और गैंगस्टरों की वसूली का तांडव
पत्र में सांसद रंधावा ने उल्लेख किया है कि पंजाब के छोटे व्यापारी और आम लोग विदेशी नंबरों से आने वाली जबरन वसूली की कॉल्स से डरे हुए हैं।
29 जनवरी 2026 : गुरदासपुर के केमिस्ट रणबीर सिंह बेदी की 50 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर हत्या कर दी गई ।
सितंबर-अक्टूबर 2025: कलानौर में बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े अमेरिकी गैंगस्टरों के इशारे पर एक अस्पताल और मेडिकल स्टोर पर अत्याधुनिक 9एमएम ग्लॉक पिस्टल से फायरिंग की गई।
जून 2026 : भगवानपुर में भाजपा व्यापार सेल के प्रमुख विजय कुमार सोनी के पेट्रोल पंप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी न देने पर सरेआम फायरिंग की गई।
फरवरी 2026 : अमृतसर में रोहित गोदारा गैंग द्वारा एक एनआरआई से 70 लाख रुपये की मांग की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
1 जनवरी 2026 : आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह की एक शादी समारोह में हत्या कर दी गई । उनकी सुरक्षा में कटौती की गई थी, जिसका कारण आज तक स्पष्ट नहीं है। पंजाब पुलिस का राजनीतिकरण और खोखलापन
रंधावा ने वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब पुलिस को एक पेशेवर एजेंसी के बजाय राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और असंतोष को दबाने का जरिया बना दिया गया है । ईमानदार अधिकारियों को दरकिनार कर दिया गया है । मई 2026 में अमृतसर के मजीठा के पास एएसआई जोगा सिंह की हत्या ने अपराधियों में फैले बेखौफ रवैये को उजागर किया है । रंधावा ने कहा कि मुख्य जांच संबंधी सफलताएं एनआईए और बीएसएफ इंटेलिजेंस से मिल रही हैं, न कि राज्य सरकार से।
सांसद रंधावा की केंद्र सरकार से प्रमुख मांगें:
संविधान के अनुच्छेद 355 और 256 का हवाला देते हुए सांसद ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:
संयुक्त कार्रवाई: गृह मंत्रालय, एआईए, आईबी, बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच उच्च स्तरीय समन्वय बनाकर आईएसआई-बीकेआई-गैंगस्टर गठजोड़ को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए।
सीमा सुरक्षा में मजबूती: गुरदासपुर जिले में बीएसएफ की तैनाती बढ़ाई जाए और एंटी-ड्रोन तकनीक को अपग्रेड किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय दबाव: कनाडा, अमेरिका और पुर्तगाल में शरण लिए बैठे गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण के लिए राजनयिक और कानूनी दबाव बनाया जाए।
गृह मंत्रालय का निर्देश: पंजाब सरकार को पुलिस बल का उपयोग राजनीतिक निष्ठा के बजाय संवैधानिक कर्तव्यों के पालन और पेशेवर योग्यता के आधार पर पोस्टिंग के लिए करने का निर्देश दिया जाए।
नार्को-आतंक की समीक्षा: पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन घुसपैठ, हथियारों व ड्रग्स की तस्करी और जेलों के भीतर से चल रहे आपराधिक नेटवर्क की गहन समीक्षा की जाए।



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