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सीएम की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर का जगराओं दौरा रद्द:नगर कौंसिल से रोष मार्च निकाल कार्यक्रम स्थल पहुँचे कर्मचारी, सफाई सेवकों ने विधायक को घेरा




जगराओं में मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर का प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में अचानक रद्द हो गया। डॉ. गुरप्रीत कौर को स्थानीय विधायक सरबजीत कौर मानूके के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित तीज समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करनी थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर दौरा रद्द होने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन क्षेत्र में चर्चा है कि सफाई सेवक यूनियन और विभिन्न जन संगठनों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला लिया गया। सफाई सेवक यूनियन पंजाब के आह्वान पर सफाई सेवक, सीवरमैन, माली, बेलदार, इलेक्ट्रिशियन, पंप ऑपरेटर के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, किसान व मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि नगर कौंसिल कार्यालय में एकत्र हुए। वहाँ से रोष मार्च निकालते हुए प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को रोकने पर पुलिस से तीखी बहस यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जिला प्रधान अरुण गिल को पुलिस ने रास्ते में रोकने की कोशिश की। हालांकि, कर्मचारियों के भारी विरोध के आगे पुलिस को पीछे हटना पड़ा और अरुण गिल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर घेराबंदी कर दी।सफाई सेवकों व कच्चे कर्मचारियों की लंबित मांगों को बिना किसी देरी के हल करने की बात कही गई। विधायक मानूके को सौंपा ज्ञापन, बरनाला लाठीचार्ज पर कार्रवाई की मांग तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विधायक सरबजीत कौर मानूके की प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करवाई। यूनियन प्रतिनिधियों ने विधायक को अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने व उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारी महिला सफाई कर्मचारी ने कहा कि जब सरकार सफाई कर्मचारियों और महिलाओं के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है, ऐसे में उत्सव मनाना कतई उचित नहीं है। यदि सरकार ने हमारी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य में और उग्र रूप दिया जाएगा। भारी पुलिस बल रहा तैनात विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी करते रहे। प्रदर्शन में कर्मचारी यूनियनों के अलावा सामाजिक और किसान-मजदूर संगठनों के कई प्रमुख पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में शामिल रहे।



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