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पानी की बहुत दिक्कतें आ रही हैं। जोहड़ वाले सबमर्सीबल का पानी बिल्कुल खराब है। पानी में झाग आती रही है। जो दूसरे पंप का पानी है, उसमें भी दिक्कत है। बच्चे फिर भी पानी नहीं पीते। उबालकर दिया गया पानी पीने से बच्चे मना कर देते हैं। तीन चार हजार रुपए लगवाकर आरओ सिस्टम लगवाया, लेकिन पानी फिर भी साफ नहीं मिल रहा। आरओ भी क्या करेगा, अगर सबमर्सीबल से ही गंदा पानी मिलेगा। हम क्या करें। सारा दिन गैस चूल्हा भी कैसे जलाएं। घर में बेटा अकेला कमाने वाला है। नौ सदस्यों का परिवार है। हमें तो साफ पानी चाहिए। कई बार कह चुके कि गांव में साफ पानी दो, लेकिन कोई सुनवाई नहीं ये कहना है गांव सजूमा निवासी लाजो देवी का। गांव में दूषित पेयजल के कारण पनपी हेपेटाइटिस ए और टाइफाइड जैसी बीमारियों के बाद गांव में भय का महौल है। लाजो देवी ने कहा कि हमारा परिवार तो दिहाड़ी मजदूरी करता है, कोई बड़ी कमाई भी नहीं। हमें तो पीने का साफ पानी चाहिए। कई बार कह चुके हैं कि गांव में साफ पानी दो, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बता दें कि गांव सजूमा में दूषित पेयजल सप्लाई आने के कारण हेपेटाइटिस ए, उल्टी, दस्त और पीलीया जैसी बीमारियां पनप रही हैं। बीमार होने के कारण एक बच्ची वर्षा की मौत भी हो चुकी है। गांव में पनपी बीमारियों के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीमें 24 घंटे गांव में रहकर सैंपलिंग और दवाइयां देने का कार्य कर रही है। अब तक बीमारी से पीड़ित 109 बच्चों के सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से हेपेटाइटिस ए के 33 व टाइफॉइड के 12 मामलों की पुष्टि हो चुकी हैं। एक ही दिन में दोनों बीमारियों के चार और मरीज पॉजीटिव पाए गए हैं। सैंपलिंग के साथ मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। बाहर से लाकर पानी उबालकर पीते हैं गांव निवासी विजय कुमार बताते हैं कि पानी बाहर से लेकर आते हैं। अब डर इतना लगता है कि उसे भी उबालकर पीते हैं। साथ में पानी में दवाइयां डालते हैं। डीसी कैथल गांव में आई थीं। उन्होंने कहा कि समाधान कर देंगे। लड़की की मृत्यु प्रमाण पत्र आने के बाद परिवार की कोई सहायता कर देंगे। वर्षा बोलीं-गर्म पानी कैसे पीयें गांव निवासी वर्षा ने कहा कि पहले से थोड़ा सुधार तो दिखा है। बदबू भी कम है, लेकिन पानी उबालकर ही पी रहे हैं। गर्मी का मौसम है, जिस कारण पानी जल्दी ठंडा भी नहीं होता। गर्म पानी कैसे पीयें। इसके चलते भी दिक्कतें आ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की नसीहत दी जा रही है। सैंपल फेल पाए गए गांव के सतीश कुमार ने बताया कि गांव में पानी की समस्या पहले की तरह ही बनी हुई है। उन्होंने कुछ दिन पहले गांव में पेयजल की सैंपलिंग करवाई थी, सभी सैंपल फेल मिले। सैंपलों की रिपोर्ट दिखाते हुए उन्होंने बताया कि टेंपरेरी सबमर्सीबल की सप्लाई गांव में देने के लिए कहा था, लेकिन वह भी आज तक चालू नहीं हुई। पूरी कमी पब्लिक हेल्थ विभाग की है। गांव में नहरी पानी दिया जाए और टेंपरेरी पंप को तुरंत चालू किया जाए। इस बारे में पंचायत ने सीएम हरियाणा को भी पत्र लिखा था, लेकिन अधिकारियों ने जरूरत नहीं होने की बात कहकर प्रोजेक्ट को दबा दिया। 1500 जगहों पर पानी की जांच की जा चुकी इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीप दलाल ने बताया कि गांव की पेयजल सप्लाई में पहले की अपेक्षा सुधार हुआ है। विभाग की टीमें लगातार सैंपलिंग और पाइपलाइन को ठीक करने का कार्य कर रही है। 1500 जगहों पर पानी की जांच की जा चुकी है। उन्होंने गांववासियों से अपील की कि सभी ग्रामीण अवैध पेयजल कनेक्शनों को वैध करवाएं।
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सजूमा निवासी लाजो बोलीं-बच्चे नहीं पी रहे उबला गर्म पानी:बढ़ रहे हेपेटाइटिस-ए, टाइफाइड के मरीज, गांव में भय, आरओ सिस्टम भी फेल







