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शहीदी गुरुपर्व पर नाडा साहिब गुरुद्वारे पहुंचे राज्यपाल कटारिया:गुरु अर्जन देव जी के मार्ग पर चलने का संदेश,सेवा-धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा




पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंचकूला स्थित गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब में पांचवें सिख गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर माथा टेका। इस दौरान उन्होंने देश, प्रदेश और समूची मानवता की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण के लिए अरदास की। राज्यपाल ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का बलिदान सत्य, मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए दिया गया एक अद्वितीय उदाहरण है। उनका जीवन त्याग, सेवा, धैर्य और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है। सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की देते प्रेरणा राज्यपाल ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण कार्य करते हुए आदि ग्रंथ का संकलन किया था। इसमें पहले पांच सिख गुरुओं की वाणी के साथ-साथ विभिन्न भगतों, संतों और भट्टों की रचनाओं को भी शामिल किया गया। यह ग्रंथ पूरी मानवता को एकता, समानता, भाईचारे और आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश देता है। राज्यपाल ने बताया कि बाद में दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की वाणी को इसमें शामिल कर इसे अंतिम स्वरूप प्रदान किया। इसके बाद यह पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के रूप में स्थापित हुआ, जो आज भी पूरी मानवता को सत्य, शांति, सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। शिक्षाएं आज भी लोगों को सही राह दिखाती कटारिया ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं आज भी लोगों को सही राह दिखाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब के बताए रास्ते पर चलें और अपने जीवन में प्रेम, सेवा, भाईचारा और आपसी सद्भाव को बढ़ावा दें। इस दौरान राज्यपाल ने शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं ने कीर्तन और अरदास में भाग लेकर गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को याद किया।



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