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विदेशी गैंगस्टरों को लेकर हरियाणा पुलिस सख्त:22 का प्रत्यार्पण, अभेद्य ऐप से ब्लॉक होगी अनजान कॉल, डीजीपी बोले-साइबर क्राइम पर ई-जीरो एफआईआर लागू




हरियाणा पुलिस के महानिदेशक अजय सिंघल ने मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी में पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि विदेशों में बैठे गैंगस्टरों द्वारा फिरौती के कॉल आने की समस्या सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के राज्यों में भी है। इस चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस ने ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें अभेद्य ऐप की लॉन्चिंग प्रमुख है। इसके जरिए अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, एसएमएस और वॉइस कॉल को ब्लॉक किया जा सकता है। गैंगस्टरों पर शिकंजा, 22 प्रत्यर्पित डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा पुलिस गैंगस्टरों को ट्रेस कर उन्हें विदेशों से वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही है। अब तक 22 गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण किया जा चुका है, जिनमें से तीन की विदेश में ही मृत्यु हो चुकी है। कई मामलों में एनकाउंटर भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कनाडा में पिछले सप्ताह विशेष कार्रवाई के दौरान कुछ अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिसमें हरियाणा पुलिस ने अहम सूचना साझा कर सहयोग किया। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार धमकी कॉल मिलने पर लोग निजता का हवाला देकर पुलिस को जानकारी देने से बचते हैं। वहीं वॉट्सऐप, गूगल और फोन कंपनियों से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अभेद्य ऐप विकसित की गई, जो लोगों को सुरक्षा देने में कारगर साबित हो रही है। सोशल मीडिया से बढ़ रहा बॉर्डरलेस क्राइम डीजीपी ने कहा कि, सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम बन चुका है, जिसने बॉर्डरलेस क्राइम को जन्म दिया है। कोई भी व्यक्ति विदेश में बैठकर किसी को भी कॉल कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर अपराध का रास्ता न अपनाएं। ऐसे मामलों में पुलिस न केवल युवाओं को, बल्कि उनके परिवारों को भी जागरूक कर रही है। साइबर क्राइम पर ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत साइबर अपराध को लेकर अजय सिंघल ने कहा कि टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ यह अपराध तेजी से बढ़ा है। इसे रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। 1930 हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है, जिस पर तुरंत सूचना देकर फ्रॉड अकाउंट होल्ड कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘ई-जीरो एफआईआर’ प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड की सूचना तुरंत 1930 पर देता है, तो संबंधित थाने में स्वतः एफआईआर दर्ज हो जाती है और ठगी गई राशि को तुरंत ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यह व्यवस्था लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक में सुधार डीजीपी ने कहा कि, हरियाणा पुलिस केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी मजबूत हो रही है। पुलिस में बॉडी कैमरा, फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) उपकरण, आधुनिक गैजेट्स और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन रही है। आतंकी मामलों के लिए विशेष टीम अजय सिंघल ने बताया कि आतंकवाद से जुड़े मामलों को संभालने के लिए एक विशेष प्रशिक्षित टीम बनाई जा रही है। विदेशी आतंकवादियों से जुड़े मामलों को भी यही टीम हैंडल करेगी। इसके लिए सरकार की ओर से विशेष बजट भी उपलब्ध कराया गया है। भर्तियों का रोडमैप तय भर्ती प्रक्रिया पर बोलते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस में भर्तियां लगातार जारी हैं। पिछले साल 5500 पदों पर भर्ती हुई, जिनमें 1600 महिलाएं शामिल थीं। वर्तमान में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से 5500 पदों पर भर्ती चल रही है। इसके बाद नवंबर में करीब 4000 और कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी, जिसमें अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इन भर्तियों में आईआरबी, एसडीआरएफ, टेलीकॉम और जीआरएफ के जवान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2028 तक लगभग 90 प्रतिशत भर्तियां पूरी कर ली जाएंगी। पुलिस कर्मियों की हेल्थ पर फोकस डीजीपी ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है, वहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें आयुर्वेद को भी शामिल किया गया है। नशा मुक्त हरियाणा के लिए सख्ती उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि हरियाणा को नशा मुक्त बनाना है। 18 जुलाई को मुख्यमंत्री मधुबन में आकर एसएचओ और मुंशी स्तर तक के अधिकारियों को संबोधित करेंगे। डीजीपी ने बताया कि नशा एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसमें अब केमिकल और गोलियों का उपयोग भी बढ़ गया है। इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 150 लोगों को जेल भेजा गया है और 47 आरोपियों की अवैध संपत्ति अटैच की गई है। अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त भी किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस नशे पर नियंत्रण के लिए हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है और भविष्य में इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा।



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