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वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल एयरलाइंस के मैप में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया, विवाद के बाद माफी मांगी




नेपाल एयरलाइंस ने सोशल मीडिया पर साझा नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा दिया। पोस्ट वायरल होने के बाद वैश्विक स्तर पर विरोध हुआ, जिसके बाद एयरलाइन ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी कर इसे ‘मैप की गलती’ बताया। बुधवार को नेपाल एयरलाइंस के सोशल मीडिया हैंडल से एक रूट मैप शेयर किया गया। इस मैप में भारत के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था। यह पोस्ट X और फेसबुक पर तेजी से वायरल हो गया। भारतीय यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और एयरलाइन की आलोचना की। विवाद बढ़ने के बाद नेपाल एयरलाइंस ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी की। एयरलाइन ने कहा कि यह एक ‘कार्टोग्राफिक इनएक्युरेसी’ थी और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और एविएशन मिनिस्ट्री नेपाल के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सांसद ने पूछा- ‘क्या ट्रम्प की दिमागी हालत ठीक है?’, नाराज रक्षामंत्री बोले- बाइडेन से यह क्यों नहीं पूछा था अमेरिका की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई के दौरान एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया। डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल पूछ लिया। जैकब्स ने अपने सवाल के दौरान ट्रम्प के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए हाल के पोस्ट का जिक्र किया और उनकी भाषा की आलोचना की। इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक सहायक ने ट्रम्प के पुराने पोस्ट के कटआउट भी दिखाए। इनमें वह विवादित यीशु वाली AI पोस्ट भी शामिल था, जिसे बाद में हटा दिया गया था। सारा जैकब्स ने सीधा सवाल करते हुए कहा, “क्या आप मानते हैं कि राष्ट्रपति मानसिक रूप से इतने स्थिर हैं कि वे कमांडर-इन-चीफ की जिम्मेदारी निभा सकें?” इस पर पीट हेगसेथ नाराज हो गए। उन्होंने पलटकर पूछा, “क्या आपने यही सवाल चार साल तक जो बाइडन से पूछा था?” हेगसेथ ने कहा कि इसी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बाइडेन का तब बचाव किया था जब वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इस पर जैकब्स ने जवाब दिया कि 2024 के चुनाव में बाइडेन “हमारे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं थे।” हेगसेथ ने आगे कहा कि वह इस तरह के सवाल-जवाब में शामिल नहीं होना चाहते हैं। अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाईं: 1.4 करोड़ डॉलर की विरासत वापस अमेरिका ने भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाई हैं। ये कलाकृतियां तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेश पहुंचाई गई थीं, जिन्हें जांच के बाद बरामद कर वापस किया गया। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने मंगलवार को इन कलाकृतियों की वापसी की घोषणा की। ये सभी कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान बरामद की गईं। जांच में बदनाम आर्ट डीलर सुभाष कपूर और तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े नेटवर्क सामने आए। इन नेटवर्क्स के जरिए भारत समेत कई देशों की सांस्कृतिक धरोहर की चोरी और बिक्री की जाती थी। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की काउंसल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में कलाकृतियां लौटाई गईं। भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान ने अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग की सराहना की। लौटाई गई वस्तुओं में 20 लाख डॉलर की अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा शामिल है, जो छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित संग्रहालय से चोरी हुई थी। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी की गई नृत्यरत गणेश की मूर्ति भी शामिल है। एक लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा भी वापस की गई है, जिसकी कीमत करीब 75 लाख डॉलर बताई गई। यह प्रतिमा भी तस्करी कर अमेरिका पहुंचाई गई थी। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट अब तक 6200 से ज्यादा सांस्कृतिक वस्तुएं बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत 485 मिलियन डॉलर से अधिक है। इनमें से 5900 से ज्यादा वस्तुएं 36 देशों को लौटाई जा चुकी हैं। अधिकारियों ने कहा कि अभी भी कई कलाकृतियां विदेशों में हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।



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