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लुधियाना में मौजूदा कांग्रेस पार्षद गुरमीत सिंह निवासी मुंडियां कलां ने हाथ पंजा का साथ छोड़ कर अब झाड़ू थाम लिया है। गुरमीत सिंह को बीते दिन खेल मैदान के उद्घाटन मौके कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने आम आदमी पार्टी में शामिल किया। गुरमीत सिंह का हार पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं ढोल भी बजाया गया। गुरमीत सिंह मुंडियां ने कहा कि वार्ड के विकास कार्यों की बेहतरी के लिए वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुए है। गुरमीत सिंह ने कहा कि आज पहला उद्घाटन खेल मैदान का हरदीप सिंह मुंडियां ने किया है। सभी विकास कार्य मिलकर करवाएंगे। 14 दिन पहले हुआ था पर्चा दर्ज यहां बता दें कि पार्षद गुरमीत सिंह मुंडियां पर करीब 14 दिन पहले धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़ित मोती लाल की शिकायत के आधार पर की है।
आरोपी पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 और रजिस्ट्रेशन एक्ट-1908 की धारा 82 के तहत एफआईआर नंबर 0169 दर्ज की गई है। पीड़ित मोती लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक प्लॉट खरीदना चाहता था। इसी दौरान वह अपने चाचा किशन पाल के माध्यम से मौजूदा कांग्रेस पार्षद गुरमीत सिंह के संपर्क में आया। शिकायत के अनुसार, किशन पाल ने भी गुरमीत सिंह के ताजपुर रोड स्थित दफ्तर के माध्यम से एक प्लॉट खरीदा था। मोती लाल ने बताया कि गुरमीत सिंह ने ताजपुर रोड स्थित अपनी कॉलोनी में उसे कुछ प्लॉट दिखाए, जिनमें से एक प्लॉट उसे पसंद आ गया। इसके बाद 5 फरवरी 2023 को दोनों के बीच 70 वर्ग गज के प्लॉट नंबर 224 का इकरारनामा हुआ। प्लॉट का रेट 6,400 रुपए प्रति वर्ग गज तय किया गया और कुल सौदा 4,48,000 रुपए में तय हुआ। 30 किश्तों में देने थे पैसे, अब तक दे चुका था 2.27 लाख सौदा तय होने के बाद मोती लाल ने गवाहों की मौजूदगी में गुरमीत सिंह को 1 लाख रुपए नकद बतौर बयाना (अग्रिम राशि) दिए थे। बाकी रकम 30 मासिक किश्तों में अदा की जानी थी और प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए 5 अगस्त 2025 की तारीख निर्धारित की गई थी। पीड़ित के अनुसार, वह अलग-अलग तारीखों पर आरोपी को कुल 2,27,600 रुपए दे चुका था। साल 2024 में जब उसने बकाया 2,20,400 रुपए का इंतजाम कर रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा, तो आरोपी ने आज-कल कहकर मामले को टालना शुरू कर दिया। पड़ताल में सामने आया सच: असली मालिक कोई और लंबे समय तक रजिस्ट्री नहीं होने पर पीड़ित ने अपने स्तर पर मामले की जांच की। जांच के दौरान उसे पता चला कि गुरमीत सिंह उस जमीन का वास्तविक मालिक नहीं है। जमीन के असली मालिक इंदरजीत सिंह और उनकी पत्नी सुखजिंदर कौर हैं। शिकायत के अनुसार, गुरमीत सिंह का जमीन के असली मालिकों के साथ सौदा हुआ था, लेकिन शर्तें पूरी नहीं होने और भुगतान न किए जाने के कारण 17 अप्रैल 2020 को प्रस्तावित रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इसके बावजूद गुरमीत सिंह ने खुद को जमीन का मालिक बताकर प्लॉट बेचने का सौदा किया और पीड़ित के साथ धोखाधड़ी की। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर थाना जमालपुर में 7 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया है।
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लुधियाना में कांग्रेसी पार्षद ने थामा झाड़ू:14 दिन पहले हुई थी FIR,गरीब मजदूर को बेचा था प्लॉट, हड़पे ₹2.27 लाख







