![]()
लुधियाना से एक माह में एक दर्जन के करीब लड़कियों के अचानक गायब होने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पंजाब स्टेट वुमन कमीशन के नोटिस पर लुधियाना पुलिस ने जो रिपोर्ट भेजी कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल उससे नाखुश है। पुलिस ने रिपोर्ट में लिखा कि जो लड़कियां मिसिंग हैं वो अपनी मर्जी से गई हैं। चार का लड़कियों को उनके माता पिता को सौंप दिया है और 3 को लोकेट कर दिया है। जो मिसिंग हैं उनमें से ज्यादातर दूसरे राज्यों की हैं। वुमन कमीशन की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने इस रिपोर्ट पर असंतुष्टि जताई। राज लाली गिल ने पुलिस अधिकारियों को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। पुलिस अधिकारी इसे सामान्य घटना मानकर हल्के में लेने की भूल कतई न करें। चेयरपर्सन ने बताया कि पुलिस ने जो रिपोर्ट उनके सामने पेश की है, उसमें बहुत सी अहम जानकारियां गायब हैं। रिपोर्ट को देखकर मामलों की मौजूदा स्थिति की कोई साफ तस्वीर सामने नहीं आ रही है। आयोग हर एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले को सही अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस का तर्क-‘सोशल मीडिया पर बात बढ़ा-चढ़ाकर की पेश लुधियाना पुलिस की तरफ से एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें एडीसीपी आरएस भुल्लर ने कहा था कि इस मामले को सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। जिससे लोगों में भ्रम फैल गया। वुमन कमीशन की चेयरपर्शन राज लाली गिल ने एडीसीपी का यह वीडियो भी अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया था। जानकारी के अनुसार पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में तर्क दिया है कि लुधियाना से गायब हुई ज्यादातर लड़कियां दूसरे राज्यों से आए परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। शुरुआती जांच में इन मामलों में एक खास पैटर्न दिखाई दिया है।लड़कियां किसी किडनैपिंग गैंग का शिकार नहीं हुईं, बल्कि वे अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं। पुलिस ने लिखा कि लापता लड़कियों में से 4 को सुरक्षित ढूंढकर उनके माता-पिता से मिला दिया गया है, जबकि 3 अन्य लड़कियों को भी ट्रेस कर लिया गया है। चेयरपर्सन ने मांगी ‘केस-वाइज’ डिटेल; पुलिस ने मांगा समय पुलिस के इस ‘मर्जी से जाने’ वाले तर्क को वुमन कमीशन की चेयरपर्सन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। राज लाली गिल का कहना है कि जब परेशान माता-पिता आज भी अपनी बच्चियों को ढूंढने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, तो पुलिस इस तरह का अधूरा स्पष्टीकरण देकर पल्ला नहीं झाड़ सकती। कमीशन ने अब लुधियाना पुलिस को हर एक केस की ‘केस-वाइज’ विस्तृत रिपोर्ट दोबारा जमा करने का आदेश दिया है। पुलिस ने रिपोर्ट जमा करने के लिए तीन से चार दिन का समय मांगा है। नई रिपोर्ट में चेयरपर्सन ने तलब की ये जाकारियां लापता लड़कियों की डिटेल, जिन पर कमीशन ने मांगा था जवाब… नाबालिग-युवतियों के लापता या भगाने के 14 केस दर्ज 27 अप्रैल: थाना सलेम टाबरी में 18 वर्षीय लड़की के लापता होने का मामला दर्ज हुआ। परिजनों ने सुनील साहनी पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया। 3 मई: थाना सदर में 14 वर्षीय नाबालिगा के घर से लापता होने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 4 मई: थाना डिवीजन नंबर-5 में 17 वर्षीय नाबालिग के लापता होने पर अनमोल नामक युवक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। 13 मई: थाना साहनेवाल में 17 वर्षीय नाबालिग को सिलाई सेंटर जाते समय राहुल द्वारा विवाह का झांसा देकर भगाने के आरोप में केस दर्ज किया गया। 24 मई: थाना सराभा नगर में 16 वर्षीय नाबालिगा के लापता होने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। 25 मई: थाना डिवीजन नंबर-2 में 10 वर्षीय बच्ची के लापता होने का मामला दर्ज हुआ। इसी दिन थाना डाबा में 17 वर्षीय नाबालिगा को पवन कुमार द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने का केस भी दर्ज किया गया। 26 मई: थाना जमालपुर में 13 वर्षीय और 16 वर्षीय नाबालिगा के लापता होने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। 27 मई: थाना फोकल प्वाइंट में 16 वर्षीय नाबालिग को राज कुमार द्वारा विवाह का झांसा देकर भगाने के आरोप में केस दर्ज किया गया। 28 मई: थाना जमालपुर में 16 वर्षीय नाबालिग को करन द्वारा भगाकर ले जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। 29 मई: थाना दरेसी में युवती के लापता होने का मामला दर्ज हुआ। वहीं थाना लाडोवाल में 16 वर्षीय नाबालिगा को संदीप सिंह द्वारा भगाकर ले जाने के आरोप में केस दर्ज किया गया। 1 जून: थाना जमालपुर में 14 वर्षीय नाबालिग को ननके नामक आरोपी द्वारा विवाह का झांसा देकर ले जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। 3 जून: थाना दरेसी में 18 वर्षीय युवती के लापता होने पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया। उक्त मामलों में पुलिस ने कुछ नाबालिगों को ट्रेस कर दिया है।
Source link
लुधियाना पुलिस की रिपोर्ट से वुमन कमीशन की चेयरपर्सन नाखुश:पुलिस रिपोर्ट-लड़कियां अपनी मर्जी से गई, चेयरपर्सन बोलीं- मामला गंभीर, केस वाइज डिटेल दो







