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लुधियाना के डाबा इलाके में नशे की 'विंडो सप्लाई':खिड़कियों से सप्लाई हो रही नशे की पुड़ियां, 3 बार शिकायत के बाद भी पुलिस मौन




पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा राज्य में चलाई जा रही ‘नशों के खिलाफ जंग’ मुहिम लुधियाना के डाबा इलाके में पूरी तरह नाकाम साबित होती दिख रही है। ताजा मामला थाना डाबा के अंतर्गत आते गुरप्रीत नगर की गली नंबर 0 का है, जहां नशे का कारोबार इस कदर हावी हो चुका है कि स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है। मोहल्ला वासियों का आरोप है कि इलाके में महिला नशा तस्करों द्वारा अपने घरों की खिड़कियों से सरेआम गांजे और अन्य नशीले पदार्थों की पुड़ियां सप्लाई की जा रही हैं। इस अवैध धंधे के कारण गली में दिन-रात नशेडियों और असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पूरे मोहल्ले में डर और असुरक्षा का माहौल है। हैरान करने वाली बात यह है कि परेशान लोग इस संबंध में थाना डाबा पुलिस को तीन बार लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिलसिलेवार ढंग से समझें मोहल्ले के बदतर हालात:
1. खिड़कियों से हो रही है नशे की सुरक्षित डिलीवरी
इलाका निवासी सतिंदर कुमार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि इलाके में सक्रिय नशा तस्करों ने पुलिस से बचने का नया तरीका निकाला है। तस्कर अपने घरों के मुख्य दरवाजे बंद रखते हैं और घर की खिड़कियों के जरिए आने-जाने वाले नशेडियों को चुपचाप नशे की पुड़ियां (पैकेट) थमा देते हैं। इस ‘विंडो सप्लाई’ के कारण तस्करों को पकड़ना भी मुश्किल हो रहा है। 2. सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाता है हुड़दंग
दलजीत, मनजिंदर, नीरज और शिवम के मुताबिक, इस गली में हर रोज सुबह करीब 6 बजे से ही नशेडियों का आना-जाना शुरू हो जाता है, जो दोपहर 12 से 1 बजे तक लगातार जारी रहता है। नशे की चाह में बाहरी इलाकों से आने वाले युवक यहां सरेआम नशा करते हैं और हुड़दंग मचाते हैं। 3. बीच सड़क पर बाइकें खड़ी कर रास्ता करते हैं जाम
इलाका निवासी यादविंदर ने कहा कि नशा करने आने वाले युवक अपने मोटरसाइकिल और अन्य वाहन गली के ठीक बीचों-बीच बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं। इससे गली का पूरा रास्ता ब्लॉक हो जाता है। जब कोई राहगीर या मोहल्ले का व्यक्ति उन्हें वाहन हटाने को कहता है, तो नशेडिये गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस वजह से गली में कई बार हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं। 4. बच्चों का घरों से बाहर निकलना हुआ दूभर
इलाका निवासी सोना और रजनी ने कहा कि गली नंबर 0 के इस दूषित और खौफनाक माहौल के कारण स्थानीय परिवारों ने अपने बच्चों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। नशेडियों की गंदी भाषा, आपस में होने वाली लड़ाइयों और असामाजिक गतिविधियों के कारण माता-पिता को हर वक्त अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। इलाका वासियों ने दी धरने की चेतावनी
डाबा पुलिस की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से नाराज गुरप्रीत नगर के निवासियों ने अब धरना देने की चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस प्रशासन ने तुरंत इस गली में छापेमारी कर नशा तस्करों को जेल नहीं भेजा और पीसीआर की गश्त नहीं बढ़ाई, तो वे पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।



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