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लुधियाना की सिटी बस सेवा पर संकट:हजारों यात्री होंगे परेशान, कोर्ट ने 120 JNNURM बसों की कुर्की और नीलामी के आदेश दिए




लुधियाना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ा झटका देते हुए स्थानीय अदालत ने लुधियाना सिटी बस सर्विसेज लिमिटेड (LCBSL) की 120 जेएनएनयूआरएम (JNNURM) बसों की कुर्की और नीलामी के आदेश जारी किए हैं। अदालत के इस आदेश के बाद शहर में चल रही बस सेवा के पूरी तरह ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। अदालत की टीम ने माता रानी चौक स्थित नगर निगम के जोन-ए कार्यालय के कमरा नंबर 50 के बाहर नीलामी संबंधी आदेश चिपका दिए है। अदालत ने बसों की नीलामी 2 जुलाई को कराने और उसकी रिपोर्ट 7 जुलाई तक पेश करने के निर्देश दिए हैं। किराया संशोधन विवाद से शुरू हुआ मामला
यह मामला लुधियाना सिटी बस सर्विसेज लिमिटेड और निजी बस ऑपरेटर होराइजन कनेक्ट ट्रांसवेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। निजी कंपनी का आरोप था कि बढ़ती परिचालन लागत के बावजूद बस किराए में संशोधन नहीं किया गया, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी ने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से किराया बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर मामला अदालत में पहुंचा। मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) प्रक्रिया में कंपनी के पक्ष में फैसला आया और जनवरी 2024 में अदालत ने एलसीबीएसएल को 6.88 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए। हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
नगर निगम ने आर्बिट्रेशन के फैसले को स्थानीय अदालत में चुनौती दी, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने निगम को मुआवजा राशि का 50 प्रतिशत नकद (एफडी/ईडी के माध्यम से) जमा करने और शेष 50 प्रतिशत राशि सुरक्षा के रूप में जिला एवं सत्र न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए थे। नगर निगम ने सुरक्षा राशि तो जमा कर दी, लेकिन नकद राशि जमा करने की शर्त पूरी नहीं कर पाया। इसी वजह से अदालत ने अब बसों की कुर्की और नीलामी का आदेश जारी कर दिया है। कंपनी बोली- मजबूरी में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
होराइजन कनेक्ट ट्रांसवेज प्राइवेट लिमिटेड के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने मामले को अदालत से बाहर सुलझाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जब हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो हमारे पास अदालत जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। अब हम अदालत की अवमानना का मामला दायर करेंगे और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी करेंगे। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि बसों की नीलामी के बाद भी पूरी मुआवजा राशि वसूल नहीं हो पाएगी। ऐसे में कंपनी एलसीबीएसएल के निदेशक मंडल में शामिल अधिकारियों के वेतन कुर्क करने की मांग भी अदालत से करेगी। निगम आयुक्त बोले- कानूनी टीम से करेंगे चर्चा
उधर, नगर निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार ने मीडिया से कहा कि उन्हें नीलामी नोटिस की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं कानूनी टीम के साथ मामले पर चर्चा करूंगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। बस सेवा बंद होने का खतरा
120 बसों की नीलामी के आदेश के बाद शहर में बची हुई दो बस रूटों की सेवा भी प्रभावित हो सकती है। यदि अदालत के आदेश पर अमल होता है तो लुधियाना की सिटी बस सेवा पूरी तरह बंद होने की आशंका है, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।



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