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रोहतक में वैश्य एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान की सदस्यता रद्द:जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार ने दिए निर्देश, कोषाध्यक्ष भी नहीं रहे सदस्य




रोहतक में वैश्य एजुकेशन सोसाइटी में प्रधान व महासचिव के बीच पिछले काफी समय से चल रहे विवाद के बीच जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार ने प्रधान व कोषाध्यक्ष की सदस्यता को रद्द कर दिया। ऑर्डर जारी होने के बाद महासचिव को कार्यभार देने के लिए गवर्निंग बॉडी की मीटिंग को बुलाया गया है। जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार के पास वैश्य संस्था के प्रधान विकास गोयल व कोषाध्यक्ष पवन मित्तल पर 14 समन्वयकों की नियुक्ति अवैध तरीके से करने व 14 अप्रैल को गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में लिए निर्णयों को रद्द करने की शिकायत की गई थी। इस पर सोसाइटी रजिस्ट्रार ने संज्ञान लेते हुए प्रधान व कोषाध्यक्ष की सदस्यता को ही रद्द कर दिया है। महासचिव के साथ हुई थी मारपीट
वैश्य संस्था के महासचिव राधे श्याम गर्ग व प्रधान विकास गोयल के बीच का विवाद उस समय अधिक बढ़ गया, जब एक क्लर्क ने राधेश्याम गर्ग के साथ मारपीट की और मौके पर खड़े प्रधान ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद से राधेश्याम गर्ग व प्रधान विकास गोयल के बीच लगातार विवाद बढ़ता गया। जांच में मिली प्रधान के कार्यों में खामियां
जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार द्वारा मामले में जांच करवाई गई तो प्रधान की कार्यप्रणाली में खामियां मिली। इसमें 11 दिसंबर 2025 को बिना मंजूरी डीए बढ़ाने, शिकायत होने पर रिकॉर्ड में तरीख बदलने का प्रयास करने, संविधान के विरुद्ध जाकर कोऑर्डिनेटर के नए पद सृजित करने व सचिव के अधिकारों का हनन करने के मामले सामने आए। गलत तरीके से चहेतों को लाभ पहुंचाया
संस्था के महासचिव राधेश्याम गर्ग ने बताया कि प्रधान विकास गोयल व कोषाध्यक्ष पवन मित्तल ने अपनी पावर का गलत प्रयोग करते हुए चहेतों को लाभ पहुंचाया। चहेतों की भर्ती के दोरान एक लाख रुपए महीने का सैलरी पैकेज तक दिया गया। जांच में सारा मामला खुल गया और अब सोसाइटी रजिस्ट्रार ने अपना फैसला सुनाया है। सदस्यता रद्द करने के फैसले पर कानूनी सलाह लेंगे
वैश्य संस्था के प्रधान विकास गोयल ने बताया कि जिला फर्म एंड सोसाइटी रजिस्ट्रार का सदस्यता रद्द करने का फैसला आया है, उसके खिलाफ कानूनी सलाह लेंगे। संस्था में कोई भी काम गलत नहीं किया गया। सभी कार्य गवर्निंग बॉडी के सहमति से किए गए है। यह फैसला गलत है।



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